शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश की जनता, कर्मचारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई ऐतिहासिक और बड़े नीतिगत फैसले लिए गए हैं।
सरकार ने भूमिहीन और सीमांत किसानों को बड़ी राहत देते हुए 20 बीघा तक के सरकारी जमीन पर किए गए अतिक्रमण को नियमित (रेगुलर) करने की नीति को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डॉक्टरों और नर्सों के बंपर पदों को भरने तथा 'हिमकेयर' योजना का दायरा बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक करने का निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की आधिकारिक जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सरकार के इन महत्वपूर्ण कदमों को मीडिया के साथ साझा किया।
किसानों और आम जनता के लिए बड़े फैसले: 'रेगुलराइजेशन पॉलिसी-2026' को मंजूरी
कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों की मानवीय चिंताओं को ध्यान में रखते हुए ‘रेगुलराइजेशन पॉलिसी-2026’ को हरी झंडी दिखाई है। इसके तहत आवासीय, कृषि और बागवानी के लिए कब्जे में ली गई 20 बीघा तक की सरकारी जमीन को रेगुलर किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत तैयार इस पॉलिसी को अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार (केंद्र) को भेजा गया है। जिन 6,356 सीमांत किसानों की जमीन ऋण न चुका पाने के कारण नीलामी की कगार पर है, उनके 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर लगने वाले ब्याज का 50% हिस्सा अब राज्य सरकार वहन करेगी।
सोलन के ऐतिहासिक शूलिनी मेले को 'राष्ट्रीय मेला', चम्बा के मान शिव शक्ति जातर मेला छतराड़ी और कांगड़ा के काठगढ़ शिवरात्रि मेले को 'राज्य स्तरीय' तथा अर्की क्षेत्र के बाड़ीधार मेले को 'जिला स्तरीय' दर्जा देने की घोषणा की गई है। जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू के 15 अग्नि प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा 7-7 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में बंपर भर्तियां और हिमकेयर योजना का कायाकल्प
प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए सुक्खू कैबिनेट ने नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न श्रेणियों के सैकड़ों पद भरे जाएंगे चिकित्सा क्षेत्र में 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 स्टाफ नर्स,
250 मल्टी टास्क वर्कर, 76 ओटीए (OTA), 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियनों के पद तुरंत भरे जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 75 नए पद सृजित किए जाएंगे।
सरकाघाट अस्पताल की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बेड और बद्दी अस्पताल को 200 बेड का किया जाएगा। मनपुरा में नई पीएचसी (PHC) और मंजहेली में सब-सेंटर खोलने को मंजूरी दी गई है।
राज्य की महत्वाकांक्षी 'हिमकेयर योजना' को अब पूरी तरह से ट्रस्ट मोड से हटाकर 'बीमा मोड' में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके तहत अब पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले स्वास्थ्य सुरक्षा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख से 10 लाख रुपये तक कर दिया गया है।
युवाओं और कर्मचारियों को सौगात, HPSSC की फीस होगी वापस
कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में कार्यरत अंशकालिक (Part-Time) कर्मचारियों और युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं 31 मार्च 2026 तक 7 वर्ष का सेवाकाल पूरा करने वाले सभी अंशकालिक कर्मचारी अब दैनिक वेतनभोगी (Daily Wagers) बनाए जाएंगे।
वहीं, हायर एजुकेशन या स्टडी लीव पर जाने वाले कर्मचारियों को अब छुट्टी के दौरान पूरी सैलरी मिलेगी। सरकारी विभागों में तैनात जॉब ट्रेनियों को अब 15 दिन का पितृत्व अवकाश (Paternity Leave) मिलेगा।
इसके अलावा, करुणा मूलक (Compassionate) आधार पर नौकरी के खारिज हो चुके पुराने मामलों पर सरकार एक बार फिर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर द्वारा विज्ञापित 80 पोस्ट कोड के विज्ञापनों को सरकार ने आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है।
इसके तहत अभ्यर्थियों से ली गई 4.27 करोड़ रुपये की कुल आवेदन फीस सरकार युवाओं को वापस लौटाएगी। वहीं, भर्ती निदेशालय में वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद भरे जाएंगे।
स्वरोजगार, खनन और भेड़ पालकों के लिए राहत
राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण (Phase-4) के तहत युवाओं को ई-बस खरीदने पर 50% और डीजल बस खरीदने पर 30% की भारी सरकारी सब्सिडी दी जाएगी। घरेलू उपयोग के लिए ट्रैक्टर के माध्यम से रेत-बजरी (खनिज) ले जाने पर लगने वाली कंपाउंडिंग फीस को भारी कटौती के साथ 4,500 रुपये से घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है।
भेड़ पालकों और गद्दी समुदाय के लिए 'ग्रेजिंग पॉलिसी-2026' (चरागाह नीति) को मंजूरी दी गई है। इसके लिए वन और पशुपालन विभाग मिलकर एक ऑनलाइन पोर्टल बनाएंगे, जिससे पशुपालकों को रियल टाइम परमिट आसानी से मिल सकेंगे।
भविष्य में विभिन्न विभागों में होने वाली मल्टी टास्क वर्कर भर्ती प्रक्रिया को केंद्रीकृत (Centralized) करने के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक विशेष कैबिनेट सब-कमेटी के गठन का निर्णय लिया गया है।