शिमला
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर लोकतंत्र और जनमत के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। शिमला से जारी एक तीखे बयान में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री लोकसभा चुनावों में मिली हार की बौखलाहट में हैं,
जिसके कारण वह न केवल जनादेश को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं बल्कि विजयी जनप्रतिनिधियों के साथ भी अपमानजनक व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में परिजनों और मीडिया पर लगाई गई कथित रोक को बेहद शर्मनाक और निंदनीय करार दिया।
'शपथ ग्रहण समारोह से परिजनों और मीडिया को दूर रखना सरकार की संकीर्ण मानसिकता'
जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण समारोह में सदैव से ही उनके परिजनों के शामिल होने की एक गौरवशाली परंपरा रही है।
यह क्षण जनप्रतिनिधि और उनके परिवार के लिए सम्मान का उत्सव होता है, लेकिन सरकार ने अपनी बौखलाहट में जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में परिजनों और मीडिया को जाने से रोक दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री को जनमत का आदर करना चाहिए था, लेकिन वह पहले दिन से ही चुने हुए प्रतिनिधियों को नीचा दिखाने और उन्हें प्रताड़ित करने के काम में लगे हुए हैं।
डराने-धमकाने और अधिकारियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर जिला परिषद, ब्लॉक समिति और स्थानीय निकायों के अध्यक्ष पद के चुनावों में जोड़-तोड़ करने के लिए सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा भाजपा समर्थित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के लिए सरकार ने अधिकारियों को काम पर लगा दिया है,
ताकि दबाव बनाकर उनका समर्थन हासिल किया जा सके। जयराम ठाकुर ने कहा कि जो अधिकारी इस गैर-कानूनी काम में सरकार का साथ दे रहे हैं, उन्हें मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि यह कृत्य उन्हें भविष्य में बहुत महंगा पड़ेगा।
चुनाव के नियमों में बदलाव को बताया लोकतंत्र विरोधी
जयराम ठाकुर ने स्थानीय निकायों के अध्यक्ष पद के चुनाव की समयावधि में किए गए बदलावों को लेकर भी मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले के नियमों के अनुसार नगर पंचायत और नगर परिषद के अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के चुनाव के 7 दिनों के भीतर करवाए जाने का प्रावधान था,
लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए इस समय-सीमा को बदल दिया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह बदलाव केवल इसलिए किया गया है ताकि नवनिर्वाचित सभासदों को प्रभावित करके कांग्रेस अपनी हार को छिपा सके।
उन्होंने साफ किया कि भारतीय जनता पार्टी मुख्यमंत्री को किसी भी हाल में 'जनमत की चोरी' नहीं करने देगी और सरकार को इस झूठ व तानाशाही का रास्ता छोड़कर जनादेश को स्वीकार करना चाहिए।