शिमला
हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार ने अपने बेटे और पूर्व विधायक नीरज भारती के हालिया विवादित बयान और इस्तीफे पर खुलकर अपनी बात रखी है। कृषि मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नीरज भारती द्वारा सार्वजनिक रूप से दिया गया बयान सही संदेश नहीं देता और इससे पार्टी तथा सरकार दोनों की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन का हवाला देते हुए कहा कि छोटी-छोटी बातों या व्यक्तिगत नाराजगी को इस तरह सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से उठाना कतई उचित नहीं है।
'सार्वजनिक रूप से आरोप लगाने के बजाय पार्टी मंच पर रखनी चाहिए थी बात'
कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार ने संगठनात्मक मर्यादा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि पार्टी अनुशासन के आधार पर चलती है और इसे बनाए रखना सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मंत्री ने कहा, "यदि किसी प्रकार की नाराजगी, असहमति या शिकायत थी, तो उसे सार्वजनिक करने के बजाय पार्टी मंच पर उठाया जाना चाहिए था।" उन्होंने याद दिलाया कि नीरज भारती संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
यदि उन्हें सरकार या संगठन की किसी बात पर आपत्ति थी, तो उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकर आमने-सामने चर्चा करनी चाहिए थी। मंत्री ने यह भी साफ किया कि जिन बातों को सोशल मीडिया पर उछाला गया है, उनमें से कई मुद्दे बेहद पुराने हैं और उनका पहले ही खंडन किया जा चुका है।
ऐसी टिप्पणियां सिर्फ पार्टी को कमजोर करने का काम करती हैं।
'जल्दबाजी या भावनाओं में लिया गया इस्तीफा, पार्टी को करनी चाहिए थी चर्चा'
नीरज भारती के इस्तीफे पर बात करते हुए चंद्र कुमार ने पिता और वरिष्ठ राजनेता के रूप में एक संतुलित दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि नीरज भारती को इतनी जल्दी इस्तीफा नहीं देना चाहिए था, संभवतः यह फैसला उन्होंने जल्दबाजी या भावनाओं में बहकर लिया होगा।
हालांकि, उन्होंने पार्टी हाईकमान की कार्यप्रणाली पर भी हल्की सी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब संगठन ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया, तो एकदम से उसे मंजूर करने के बजाय पार्टी नेतृत्व को उनके साथ बैठकर एक बार चर्चा जरूर करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि युवा नेताओं में कई बार गुस्से या भावनाओं में आकर फैसले लेने की प्रवृत्ति होती है, जिसे बातचीत से सुलझाया जा सकता है।
राजनीतिक मर्यादा और राजनीतिक कद का दिया हवाला
कृषि मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि सभी को अपनी अभिव्यक्ति का अधिकार है, लेकिन विचार व्यक्त करते समय राजनीतिक मर्यादा और संगठनात्मक अनुशासन का ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, "व्यक्ति की सोच और उसके विचार ही उसकी राजनीतिक पहचान तय करते हैं। इस प्रकार के सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप से राजनीति में किसी का कद नहीं बढ़ता, बल्कि इससे केवल और केवल नुकसान ही होता है।"
उन्होंने अंत में उम्मीद जताई कि चूंकि नीरज भारती राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रखते हैं; इसलिए पार्टी आने वाले समय में बातचीत के जरिए सभी मुद्दों का कोई सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास करेगी।