मंडी
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के अंतर्गत सरकाघाट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दलीप ठाकुर ने प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा भगवान श्रीराम को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है।
उन्होंने इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर अपना सनातन विरोधी चेहरा देश और प्रदेश की जनता के सामने उजागर कर दिया है। दलीप ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनावी पराजयों और जनता के बीच लगातार घटते जनाधार से बौखलाई कांग्रेस अब करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम को राजनीतिक विवादों में घसीटने का घटिया प्रयास कर रही है।
वैश्विक आस्था के प्रतीक हैं प्रभु श्रीराम
विधायक दलीप ठाकुर ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण भारतीय संस्कृति, मर्यादा, सत्य, त्याग और आदर्श जीवन के साक्षात प्रतीक हैं।
देश ही नहीं बल्कि आज पूरे विश्वभर में करोड़ों लोग प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट और अगाध श्रद्धा रखते हैं। उन्होंने साफ किया कि ऐसे पूजनीय स्वरूप के संबंध में किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा की गई कोई भी अपमानजनक या गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
चुनावी हार से कांग्रेस नेताओं में हताशा
दलीप ठाकुर ने हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम, नगर परिषद, जिला परिषद और पंचायत चुनावों के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि इन परिणामों ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि हिमाचल की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों और उसकी कार्यशैली को पूरी तरह से नकार चुकी है।
पूरे प्रदेश में भाजपा और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की बंपर जीत हुई है, जिससे कांग्रेस नेताओं में बेचैनी और हताशा साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस नेता अपनी राजनीतिक विफलताओं पर आत्ममंथन करने के बजाय सुर्खियों में बने रहने के लिए भगवान श्रीराम जैसे आस्था के विषयों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहे हैं।
सार्वजनिक रूप से माफी मांगें राजस्व मंत्री
भाजपा विधायक ने पुरजोर शब्दों में मांग की है कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अपने इस अमर्यादित बयान के लिए देश और प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से तुरंत माफी मांगें।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को भी इस संवेदनशील विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि क्या वे अपने मंत्री के इस बयान से सहमत हैं। यदि कांग्रेस वास्तव में देश की संस्कृति और आस्था का सम्मान करती है, तो उसे अपने नेताओं की ऐसी गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी पर तत्काल रोक लगानी चाहिए,
क्योंकि कोई भी राजनीतिक दल इस आस्था का अपमान करके जनता की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं कर सकता।