शिमला
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर “मिनी मैराथन– रन फॉर ए क्लीन एनवायरनमेंट एंड ए चिट्टा-फ्री लाइफ” का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नशे के खिलाफ प्रदेश सरकार के अभियान को लेकर अब तक का सबसे कड़ा संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के काले कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सरकार बेहद सख्त कार्रवाई कर रही है और इस धंधे में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग युवाओं का भविष्य बर्बाद करने में लगे हैं, वे अपनी हरकतों से तुरंत बाज आ जाएं, अन्यथा उन्हें 'मिट्टी में मिला दिया जाएगा'।
मुख्यमंत्री के इस तल्ख तेवर के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इसे उत्तर प्रदेश के 'योगी मॉडल' से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार तस्करों के ख़िलाफ़ केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि उनके द्वारा नशा तस्करी से अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को भी लगातार नष्ट और जब्त कर रही है।
इसके साथ ही, पंजाब और हिमाचल प्रदेश बॉर्डर पर चल रहे हालिया तनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार फीडबैक ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर बने 'खालसा टैक्स नाका' के मुद्दे को सुलझाने के लिए वे जल्द ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से बात करेंगे, क्योंकि हिमाचल सरकार पूरे राज्य में अमन-चैन और शांति चाहती है।
दूसरी तरफ, जब मुख्यमंत्री से हिमाचल कांग्रेस के उपाध्यक्ष नीरज भारती के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि नीरज भारती कोई मसला ही नहीं हैं।
चुनावों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर जीत का झूठा दावा करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा केवल सोशल मीडिया पर ही चुनाव जीत रही है और लगातार इस जीत को लेकर दुष्प्रचार कर जनता के बीच झूठ फैलाया जा रहा है।
सीएम सुक्खू ने दावा किया कि हाल ही में संपन्न हुए नगर पंचायत और नगर परिषद के चुनावों में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन बेहद मजबूत और शानदार रहा है।