शिमला
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने पंजाब में हिमाचल के वाहनों से 'खालसा टैक्स' वसूले जाने के मामले को पूरी तरह से गलत करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जल्द ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से सीधी बातचीत करेंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश की संवेदनाएं हमेशा पंजाब के लोगों के साथ हैं और दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच दशकों पुराना सौहार्दपूर्ण संबंध हर हाल में बना रहना चाहिए।
आपसी संवाद से सुलझेगा सीमा विवाद
लोक निर्माण मंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों का स्थाई समाधान आपसी टकराव या विवाद से नहीं, बल्कि केवल रचनात्मक बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल और पंजाब दोनों राज्यों की सरकारों को इस विषय की गंभीरता को समझते हुए एक साथ बैठकर विस्तृत चर्चा करनी चाहिए। ऐसा करने से न केवल दोनों पक्षों के बीच पैदा हुई कोई भी गलतफहमी दूर होगी, बल्कि सौहार्द का माहौल भी मजबूत होगा।
सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों के हितों की रक्षा जरूरी
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों और व्यापारियों के हितों का दोनों सरकारों द्वारा विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि हिमाचल और पंजाब के नागरिकों का आपसी संपर्क, रिश्तेदारी और व्यापारिक आवाजाही लगातार बनी रहती है।
ऐसे में किसी भी नए टैक्स या विवाद का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है, जिसे रोकना दोनों राज्यों की जिम्मेदारी है।
आम जनता को राहत देने की वकालत
अपने बयान के अंत में लोक निर्माण मंत्री ने पुरजोर शब्दों में कहा कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले और वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को अनावश्यक टैक्सों से राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों राज्य मिलकर जल्द ही एक ऐसा सकारात्मक और सर्वमान्य समाधान निकालेंगे, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। आपसी संवाद के माध्यम से इस पूरे विवाद का जल्द ही एक सुखद अंत देखने को मिलेगा।