शिमला।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे बिना किसी आधार और तथ्यों के सरकार पर कीचड़ उछाल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में आरोपों की राजनीति के लिए तथ्यों का होना अनिवार्य है। उन्होंने भाजपा नेताओं को चुनौती देते हुए कहा भाजपा नेता केवल हवा में बातें कर रहे हैं।
यदि उनके पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस सबूत या दस्तावेज हैं, तो उन्हें इधर-उधर बयानबाजी करने के बजाय विधानसभा के पटल पर रखना चाहिए। हम हर जांच और सवाल का सामना करने के लिए तैयार हैं।
प्रदेश में गहराए कमर्शियल एलपीजी (LPG) संकट पर मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गैस की किल्लत का सीधा असर प्रदेश के पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि आपूर्ति सुचारू की जा सके।
गैस की कमी से होटल व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिसे सरकार प्राथमिकता के आधार पर सुलझा रही है।
सदन में पेश किए गए अनुपूरक बजट पर चर्चा करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार केवल बजट पेश नहीं कर रही, बल्कि 'व्यवस्था परिवर्तन' कर रही है। सरकार ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर धन खर्च किया है।
अब किसी भी नए प्रोजेक्ट को कम से कम 30 फ़ीसदी राशि के साथ ही शुरू किया जा रहा है ताकि वे समय पर पूरे हों।मुख्यमंत्री ने दोहराया कि इन दोनों क्षेत्रों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि RDG (Revenue Deficit Grant) बंद होने की वजह से राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है और सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
एक सकारात्मक बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने शिपकी-ला (किन्नौर) के रास्ते तिब्बत के साथ व्यापार फिर से शुरू होने पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र के साथ मिलकर अथक प्रयास किए थे। अकेले किन्नौर क्षेत्र में अब तक 50 हज़ार सैलानी आ चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों और राज्य के पर्यटन क्षेत्र को बड़ी आर्थिक मजबूती मिल रही है।