मण्डी।
भारतीय नव संवत्सर केवल एक तिथि का परिवर्तन नहीं बल्कि सृष्टि, प्रकृति और मानव जीवन के समन्वित नवोदय का प्रतीक है। हमारा इतिहास केवल अतीत का वर्णन नहीं करता बल्कि वह हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और भविष्य के लिए दिशा प्रदान करता है।
भारतीय नव संवत्सर हमें यह स्मरण कराता है कि समय एक सृजन, संरक्षण और परिवर्तन का सतत प्रवाह का चक्र है। इसी भावना के साथ हमें अपने जीवन और कार्यों में नव ऊर्जा और नव दृष्टि का समावेश करना चाहिए।
यह शव्द विश्वविद्यालय कुलगुरु आचार्य (डॉ.) ललित कुमार अवस्थी ने मण्डी नगर की स्थापना के 500 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा के विशेष अवसर पर भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रति समर्पित सरदार पटेल विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग एवं इतिहास सोसाइटी द्वारा नव संवत्सर अभिनन्दनम् कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में कहे।
उन्होंने भारतीय कालगणना की वैज्ञानिकता, ऋतु-आधारित संरचना तथा वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परम्परा के अध्ययन को आधुनिक संदर्भों से जोड़कर आगे बढ़ाएँ।
कार्यक्रम का विषय “भारतीय नव संवत्सर और कालगणना” रखा गया, जिसमें भारतीय समय-परम्परा की वैज्ञानिकता, ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक चेतना पर व्यापक विमर्श हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. राजेश कुमार शर्मा अधिष्ठाता, छात्र कल्याण ने की। जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. पवन कुमार चाँद अधिष्ठाता, अकादमिक मामले, डॉ. सुनील ठाकुर अधिष्ठाता, योजना एवं विकास तथा डॉ.
लखवीर सिंह अधिष्ठाता, शोध उपस्थित रहे। कार्यक्रम में इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार शर्मा तथा संयोजक राजेश शर्मा (सहायक आचार्य) की विशेष भूमिका रही। मंच संचालन शोधार्थी लखविंदर सिंह द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ आरम्भ हुआ। इसके पश्चात वंदे मातरम् गायन व पंचांग वाचन दीपक दीपांशु ने किया । इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ.
राकेश कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में भारतीय कालगणना को वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रणाली खगोलीय गणनाओं और प्रकृति के चक्रों पर आधारित है, जो भारतीय मनीषा की उत्कृष्ट उपलब्धि है।
अध्यक्षीय संदेश देते हुए डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने तथा इतिहास के माध्यम से समसामयिक समाज को समझने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्यातिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मण्डल में विकेश कुमार व कृष्ण चंद रहे। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भुबनेश्वर व होमेश प्रथम व मनीष व मनीषा द्वितीय स्थान पर रहे।
पोस्टर लेखन प्रतियोगिता में रक्षा प्रथम,सुनीता द्वितीय व वंदना तृतीय स्थान पर रहीं। भाषण प्रतियोगिता में सुहानी,मनीषा व आंचल क्रमशःप्रथम,द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं।
तत्पश्चात कार्यक्रम संयोजक राजेश शर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके उपरांत सभी के लिए मिष्ठान वितरण किया गया।
कार्यक्रम में डॉ.राकेश कुमार शर्मा विभागाध्यक्ष इतिहास विभाग, डॉ.रामपाल विभागाध्यक्ष लोक प्रशाशन,विकेश कुमार,कृष्ण चंद,डॉ.दुश्मा,डॉ.गीता इतिहाश सोसायटी अध्यक्ष सानू कुमार, मिडिया क्लव अध्यक्ष दीपक दीपांशु सहित इतिहास विभाग के विद्यार्थी उपस्थित रहे ।