शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नशे के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे की जड़ें पूर्व भाजपा सरकार के समय गहरी हुईं और वर्तमान सरकार अब उन तस्करों को नेस्तनाबूद करने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने सदन में दहाड़ते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष केवल सनसनी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "नशा पिछले तीन सालों में घर-घर नहीं पहुँचा है। हमारी सरकार तो सत्ता में ही तीन साल पहले आई है। हकीकत यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 5 साल तक सोए रहे और उनके कार्यकाल में ही चिट्टा प्रदेश के हर घर तक पहुँच गया।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखते हुए बताया कि उनकी सरकार ने नशे के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रदेशव्यापी अभियान चलाया है। नशे के कारोबार में संलिप्त 11 पुलिस कर्मियों और 9 अन्य सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को प्रशासन ने नेस्तनाबूद किया है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने 5 साल तक इस सख्त कानून को लागू करने की जहमत तक नहीं उठाई, जिसे वर्तमान सरकार ने प्रभावी ढंग से लागू किया है।
सीएम सुक्खू ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस बधाई की पात्र है, लेकिन भाजपा राजनीति के चक्कर में पुलिस का मनोबल तोड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलएसडी (LSD) नशे की तस्करी में शामिल एसटीएफ कर्मचारियों को भी पुलिस ने ही पकड़ा है, जो पारदर्शिता का प्रमाण है।
चिट्टे के खिलाफ हमारा अभियान जारी रहेगा। इसमें चाहे कोई बड़ा नेता शामिल हो या कोई रसूखदार, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा इस जनहित के मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद करे। — ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मई-जून के महीने में मंडी में एक विशाल 'एंटी चिट्टा वॉकथॉन' आयोजित की जाएगी। उन्होंने सदन में ही नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेताओं को इसमें शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री ने जयराम ठाकुर की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष इन दिनों इसलिए परेशान हैं क्योंकि कांग्रेस से भाजपा में गए लोग उन्हें चैन से जीने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा, हम उन लोगों की प्रवृत्ति को जानते हैं, वे जयराम को चैन से नहीं बैठने देंगे।