हमीरपुर।
हमीरपुर शहर से सटे बडू क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से फैले पीलिया (Jaundice) के प्रकोप के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। राहत की बात यह है कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। प्रशासन और जल शक्ति विभाग की सक्रियता के बाद अब संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है।
स्वास्थ्य विभाग और जल शक्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 11 मार्च से अब तक कुल 47 मामले सामने आए थे। इनमें से 39 लोग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि शेष मरीजों की स्थिति स्थिर है और वे अपने घरों में उपचाराधीन हैं। पीलिया का प्रभाव मुख्य रूप से स्वाहल, भाटी और मझोट सहित करीब 10 गांवों में देखा गया था।
जल शक्ति विभाग द्वारा लिए गए पानी के सैंपलों की रिपोर्ट में महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। यहाँ के हैंडपंप का पानी जांच में दूषित पाया गया है। अकेले इस क्षेत्र से 13 मामले सामने आए थे।
यहाँ भी 13 मामले दर्ज किए गए, हालांकि संस्थान के हैंडपंप के सैंपल सही पाए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि छात्र पीजी (PG) में रहते हैं, जहाँ संक्रमण के अन्य कारण हो सकते हैं। विभाग की चार प्रमुख पेयजल योजनाएं (बडू मोहीं, मोहीं बडू, जमाली मंदिर और व्यास नदी योजना) पूरी तरह साफ पाई गई हैं।
पीलिया फैलने के कारणों की जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने औद्योगिक क्षेत्र (Industrial Area) में एक बड़ी लापरवाही पकड़ी है। जांच में पाया गया कि एक निजी इंडस्ट्री (स्वीट्स शॉप/यूनिट) का वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम सही नहीं था, जिससे दूषित पानी का रिसाव हो रहा था।