हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला पुलिस को अवैध खनन और वित्तीय गबन के एक बड़े मामले में कानूनी मोर्चे पर महत्वपूर्ण सफलता मिली है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने इस प्रकरण के दो मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे अब उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पुलिस थाना सुजानपुर में दर्ज एफ.आई.आर. संख्या 53/2025 (दिनांक 12.08.2025) से संबंधित है। आरोपियों पर वित्तीय गबन और अवैध खनन से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक की कानूनी प्रक्रिया
मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्यवाही का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। आरोपी परवीन, उमेश, सतीश और संजय ने पहले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत हासिल की थी।
हालांकि, पुलिस की दलीलों के बाद हाई कोर्ट ने इसे बाद में निरस्त कर दिया था। हाई कोर्ट के फैसले को आरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी। 19 मार्च, 2026 को हुई सुनवाई में माननीय न्यायालय ने तथ्यों का अवलोकन करते हुए निर्णय सुनाया। परवीन और उमेश इनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं।सतीश और संजय इन्हें न्यायालय द्वारा राहत प्रदान की गई है।
पुलिस की पेशेवर दक्षता की सराहना
हमीरपुर पुलिस ने इस मामले में जांच के हर स्तर पर प्रभावी पैरवी और बेहतर समन्वय का परिचय दिया। समयबद्ध तरीके से तथ्यों और साक्ष्यों की सशक्त प्रस्तुति ने ही अभियोजन पक्ष को सर्वोच्च न्यायालय में मजबूती प्रदान की। यह पुलिस की पेशेवर प्रतिबद्धता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को दर्शाता है।