शिमला।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट घोषणा के बाद वेतन स्थगित (Defer) करने के फैसले पर मचे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को कड़ा जवाब दिया है।
जयराम ठाकुर द्वारा प्रदेश की स्थिति को 'वित्तीय आपातकाल' बताने पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है और उनके हर सवाल का जवाब विधानसभा के पटल पर तथ्यों के साथ दिया जाएगा।
केंद्र से मिलने वाली ग्रांट में भारी कटौती का आरोप
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए पूर्व भाजपा सरकार और वर्तमान कांग्रेस सरकार के बीच के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा साल 1952 से मिलने वाली 'रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट' (RDG) में केंद्र सरकार ने 8 से 10 हजार करोड़ रुपये की कटौती की है।
जयराम ठाकुर के कार्यकाल में प्रदेश को RDG और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 70,000 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि हमारी सरकार को मात्र 17,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। इस भारी अंतर के बावजूद हम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर ला रहे हैं।
वेतन स्थगित करना 'वित्तीय अनुशासन' का हिस्सा
वेतन को 6 महीने के लिए टालने के फैसले का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे 'फिस्कल प्रूडेंस' (वित्तीय अनुशासन) करार दिया। उन्होंने कहा कि यह फैसला बजट संतुलन बनाने के लिए लिया गया है और इसका बोझ भविष्य की सरकारों पर नहीं पड़ेगा। आगामी 6 महीनों में सरकार बड़े आर्थिक सुधार करने जा रही है, जिससे प्रदेश वित्तीय मजबूती हासिल करेगा।
भ्रष्टाचार के 'चोर दरवाजे' बंद, राजस्व में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बीते तीन वर्षों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाकर और चोर दरवाजों को बंद कर 3,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमाया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई योजनाओं का स्वरूप बदला जाएगा ताकि हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से बढ़ सके।
SDRF की पीठ थपथपाई: देश भर में अव्वल आने पर किया सम्मानित
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने SDRF (State Disaster Response Force) को देश के सभी राज्यों में अव्वल आने पर बधाई दी और उन्हें सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि एक छोटा राज्य होने के बावजूद हिमाचल की SDRF ने बड़े राज्यों को पछाड़कर प्रथम स्थान पाया है, जो गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्षों की भीषण आपदाओं के दौरान SDRF द्वारा किए गए बेहतरीन राहत एवं बचाव कार्यों की विशेष रूप से सराहना की।