जिला मंडी किसान मोर्चा ने स्टांप अधिनियम 2026 के नए प्रावधानों का किया विरोध, फैसला वापस न लेने पर जिला स्तर पर आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश सरकार की ओर से स्टांप अधिनियम 2026 में किए गए संशोधनों का विरोध शुरू हो गया है। जिला मंडी किसान मोर्चा के मीडिया प्रभारी विनोद कुमार शर्मा ने इन संशोधनों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे किसानों, बागवानों और पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार से नए प्रावधानों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
विनोद शर्मा ने कहा कि नए संशोधनों के तहत शपथपत्र, नोटरी सत्यापन और कृषि व पशुपालन के लिए लिए जाने वाले ऋण से संबंधित दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क में काफी बढ़ोतरी की गई है। नए प्रावधान के अनुसार, कानूनी करार के लिए न्यूनतम एक हजार रुपये का स्टांप शुल्क देना होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की कांग्रेस सरकार नए शुल्क लगाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है।
विनोद शर्मा ने सरकार से स्टांप अधिनियम 2026 में किए गए संशोधनों को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो किसान मोर्चा किसानों, बागवानों और पशुपालकों को साथ लेकर जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
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