शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के गरिमामयी अवसर पर अपने आधिकारिक निवास ‘ओक ओवर’ से ओलंपिक मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
यह दौड़ राजधानी शिमला के विभिन्न मार्गों और सीटीओ मार्ग से होते हुए इंदिरा गांधी खेल परिसर में जाकर संपन्न हुई. खेल भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई इस मैराथन के पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों में लगभग 200 खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया.
इस अवसर पर प्रदेशवासियों और खिलाड़ियों को ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह खेल को भी शिक्षा का ही एक अभिन्न स्वरूप मानती है.
नादौन में ₹150 करोड़ से बन रहा 'उत्कृष्टता केंद्र', अक्टूबर तक होगा तैयार
मुख्यमंत्री ने खेल बुनियादी ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में ‘खेलो इंडिया’ प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन के लिए निरंतर प्रयासरत है.
प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में पहले ही मजबूत खेल अवसंरचना विकसित की जा चुकी है. इसके साथ ही, उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हमीरपुर जिले के नादौन में ₹150 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक 'खेल उत्कृष्टता केंद्र' (Center of Excellence for Sports) स्थापित
किया जा रहा है. इस केंद्र का निर्माण कार्य इसी वर्ष अक्टूबर महीने तक पूरा होने की प्रबल संभावना है. सुक्खू ने युवाओं से अनुशासन और टीम भावना अपनाने तथा सरकार के नशा-विरोधी अभियान का सक्रिय समर्थन कर नशामुक्त समाज बनाने की अपील की.
इस ऐतिहासिक आयोजन के अवसर पर शिमला के स्थानीय विधायक हरीश जनारथा, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक शिवम प्रताप सिंह, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश शांडिल सहित कई अन्य खेल प्रेमी और गणमान्य व्यक्ति भी विशेष रूप से उपस्थित रहे.