फैकल्टी मजबूत करने के लिए नियमों में मिलेगी छूट, 20 ICU बेड, आधुनिक उपकरण और रोबोटिक सर्जरी की दिशा में भी सरकार की पहल
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चंबा राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन, नई एक्स-रे मशीन, अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक उपकरण और सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने की घोषणा की।
साथ ही अगले 10 दिनों के भीतर 40 स्टाफ नर्सों की तैनाती का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं चंबा चिकित्सा महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम के दौरान कीं।
फैकल्टी को मजबूत करने के लिए नियमों में मिलेगी छूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए आवश्यकतानुसार नियमों में छूट दी जाएगी, ताकि योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति आसान हो सके। उन्होंने कहा कि संस्थान में फैकल्टी मजबूत होने के बाद रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
20 ICU बेड और तकनीकी स्टाफ की भी होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मेडिकल कॉलेज में 20 नए आईसीयू बेड स्थापित करने का प्रस्ताव जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टाफ नर्सों के अलावा रेडियोग्राफर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की भी नियुक्ति की जाएगी, जिससे मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
डॉक्टरों की विदेश एक्सपोजर विजिट पर बनेगी नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की योजना पर विचार कर रही है। इसके लिए एक नीति तैयार की जा रही है, ताकि डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों का अनुभव मिल सके और उसका लाभ प्रदेश के मरीजों को मिले।
स्वास्थ्य क्षेत्र पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में राज्य सरकार लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से न केवल प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि हिमाचल में हेल्थ टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।
चंबा मेडिकल कॉलेज में पहले ही मिली कई नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी विभाग की स्थापना की जा चुकी है। इसके अलावा 23 सीनियर रेजिडेंट (SR) और 28 पोस्ट ग्रेजुएट (PG) पद स्वीकृत किए गए हैं।
सीनियर रेजिडेंट छात्रावास के निर्माण के लिए 18.98 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। साथ ही पीजी और एसआर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में भी बढ़ोतरी की गई है तथा डीएचएस और डीएमई कैडर को अलग किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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