कांगड़ा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप त्याग, स्वाभिमान, स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं, जिनके आदर्श आज भी पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। जिला कांगड़ा के धर्मगिरि पठियार स्थित महाराणा प्रताप इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में महाराणा प्रताप की 487वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्कूल में इंडोर स्टेडियम
निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया तथा स्मारिका का विमोचन भी किया।
महाराणा प्रताप के आदर्श आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता भी थे, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युद्ध साहस, बलिदान और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष का प्रतीक है।
आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सुशासन, ग्रामीण विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने प्रदेश के वीर सैनिकों मेजर सोमनाथ शर्मा, कर्नल डी.एस. थापा, कैप्टन विक्रम बत्रा और सूबेदार मेजर संजय कुमार के बलिदान को याद करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट अर्शवीर सिंह ठाकुर के साहस की भी सराहना की।
किशाऊ परियोजना से बढ़ेगा राजस्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के प्रयासों से 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। परियोजना पूरी होने पर हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली प्राप्त होगी, जिससे करीब 600 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने परियोजना में हिमाचल के विद्युत घटक पर आने वाली लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत वहन करने पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रीन बोनस, शानन विद्युत परियोजना की वापसी और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से लंबित देयों की प्राप्ति के लिए भी प्रयासरत है। कड़छम-वांगतू जलविद्युत परियोजना की रॉयल्टी मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।
शिक्षा और स्वरोजगार पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल ने शत-प्रतिशत साक्षरता हासिल कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू की गई है, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं तथा 5,400 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है।
उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की गई है। योजना के तहत ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही 500 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं और ग्रीन पंचायत कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
नशे के खिलाफ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जनसहभागिता से 'चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान' शुरू किया है। नशा तस्करी की सूचना देने वालों को पुरस्कार दिया जाएगा और उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि आगामी 'खेलो इंडिया चिट्टा मुक्त अभियान' के माध्यम से युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंद्र गोमा, विधायक एवं एचपीटीडीसी अध्यक्ष आर.एस.
बाली, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक नीरज नैयर, पूर्व सांसद विप्लव ठाकुर, कृपाल परमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।