धर्मशाला।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को कांगड़ा जिले के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों और उप-प्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। दाड़ी मैदान में आयोजित समारोह में उन्होंने सभी निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए गांवों के विकास में पारदर्शिता,
जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश को चिट्टा मुक्त बनाने और नशे के खिलाफ जन आंदोलन को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प भी दिलाया।
पंचायतें लोकतंत्र की सबसे मजबूत इकाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायतें भारतीय लोकतंत्र की सबसे सशक्त इकाई हैं और ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सरकार और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी हैं और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
अगले पांच वर्षों में आत्मनिर्भर बनेगा हिमाचल
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार व्यवस्था परिवर्तन के संकल्प के साथ हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। वित्तीय अनुशासन, बेहतर संसाधन प्रबंधन और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण के माध्यम से अतिरिक्त राजस्व जुटाया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रीन बोनस, राजस्व घाटा अनुदान, शानन परियोजना और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड सहित विभिन्न मामलों में हिमाचल के अधिकारों की मजबूती से पैरवी की जा रही है।
किशाऊ बांध परियोजना में मिली बड़ी सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि 422 मेगावाट क्षमता वाली किशाऊ बांध परियोजना में प्रदेश को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि परियोजना के जल घटक से लाभान्वित होने वाले राज्य हिमाचल के हिस्से के विद्युत घटक की करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत वहन करेंगे। परियोजना पूरी होने पर प्रदेश को प्रतिवर्ष लगभग 100 करोड़ यूनिट बिजली मिलेगी।
किसानों और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि सरकार ने गाय के दूध का समर्थन मूल्य 32 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये और भैंस के दूध का मूल्य 47 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए हल्दी, गेहूं, मक्का, जौ और अदरक की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा रही है। पांगी घाटी को प्रदेश का पहला प्राकृतिक खेती उपमंडल बनाया गया है।
जल्द होगी 800 कांस्टेबलों की भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि पुलिस विभाग में जल्द ही 800 कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी।
नशे के खिलाफ जन आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा प्रदेश के लिए गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। सरकार नशा माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और 15 नवंबर 2025 से शुरू किया गया एंटी-चिट्टा जन आंदोलन अब जनभागीदारी का बड़ा अभियान बन गया है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपनी पंचायतों को नशा मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा शुरू की गई है। 150 सीबीएसई स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं और 5,400 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए 213.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
कांगड़ा को बनाया जा रहा पर्यटन राजधानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी घोषित करने के बाद यहां पर्यटन ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार का कार्य तेजी से चल रहा है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है।
ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें जनसेवा
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि ईमानदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे तथा आदर्श पंचायतों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।