चंबा संघर्ष समिति ने पानी-सीवरेज बिलिंग में पारदर्शिता, मासिक बिल और मीटर खर्च विभाग उठाने की मांग की
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला के अवसर पर चंबा पहुंचे हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को चंबा संघर्ष समिति और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने जल शक्ति विभाग की बिलिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि पिछले 11 महीनों से पानी और सीवरेज के बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि विभाग बिना पूर्व सूचना के शुल्क संरचना में बार-बार बदलाव कर रहा है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मीटर का खर्च विभाग उठाए
प्रतिनिधियों ने मांग की कि पानी के मीटर लगाने, बदलने और उनके रखरखाव का पूरा खर्च जल शक्ति विभाग स्वयं वहन करे। उनका कहना है कि निम्न गुणवत्ता और तकनीकी कारणों से मीटर बार-बार खराब हो रहे हैं, जिसका आर्थिक बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि चार-चार महीने के अंतराल पर भारी-भरकम बिल जारी करने के बजाय नियमित मासिक बिलिंग व्यवस्था लागू की जाए, ताकि उपभोक्ताओं पर एकमुश्त आर्थिक बोझ न पड़े।
अन्य प्रमुख मांगें भी उठाईं
प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के जल शुल्क में अंतर समाप्त कर पारदर्शी नीति बनाने, चंबा शहर के लिए वैकल्पिक पेयजल स्रोत विकसित करने तथा आगामी मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान करेगी।
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