सोलन
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की ओर से मई महीने का ड्रग अलर्ट जारी कर दिया गया है, जिसमें देशभर में निर्मित 157 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए हैं।
हालांकि, राहत की बात यह है कि इस बार राज्यों में दवाओं के सैंपल फेल होने की दर में गिरावट दर्ज की गई है। फेल हुए सैंपलों में आम सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, कफ सिरप, दिल के रोगों की दवाओं के साथ-साथ कई तरह के लोशन, साबुन, सैनिटाइजर, आयरन व विटामिन की गोलियां, जेल और फालिक एसिड शामिल हैं।
इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय यह भी है कि 20 तरह के इंजेक्शन और 11 विभिन्न उद्योगों में बने कफ सिरप भी जांच में फेल पाए गए हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड की फार्मा कंपनियां सबसे आगे, कई जीवन रक्षक दवाएं भी असुरक्षित
इस ड्रग अलर्ट में सबसे ज्यादा नुकसान देश के फार्मा हब माने जाने वाले हिमाचल प्रदेश को हुआ है, जहाँ की सर्वाधिक 43 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इसके बाद उत्तराखंड की 27, गुजरात की 25, मध्य प्रदेश की 10, राजस्थान की 7, हरियाणा की 6 और अन्य राज्यों की दवाएं शामिल हैं।
मानकों पर खरी न उतरने वाली प्रमुख दवाओं में संक्रमण (Infection) के इलाज में इस्तेमाल होने वाली बेंगलुरु की अमोक्सीसिलिन और पोटेशियम क्लैवुलनेट (बैच नंबर 825डी167), हरिद्वार की एंटी-फंगल इट्राकोनाजोल कैप्सूल (बैच नंबर एचसी-2507123), उज्जैन में निर्मित ब्लड प्रेशर की दवा एम्लोडिपिन टेबलेट (बैच नंबर जीएबी36),
गुजरात की एसिडिटी व अल्सर की दवा एसोमेप्राजोल (बैच नंबर वीजीटी230127) और उत्तराखंड की एंटीबायोटिक नारफ्लोक्स 400 (बैच नंबर आरटी-250413) शामिल हैं।
गुणवत्ता पर बरती जा रही सख्ती, राज्य दवा नियंत्रक ने की जनता से अपील
दवाओं के सैंपल फेल होने के इस मामले पर हिमाचल प्रदेश के राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार और विभाग द्वारा दवा उत्पादन के दौरान सख्ती को और अधिक बढ़ा दिया गया है।
वर्तमान में दवाइयों की गुणवत्ता (Quality) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है और लगातार प्रयास जारी हैं कि सैंपल फेल होने के इन आंकड़ों को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि जो भी दवाएं जांच में फेल पाई जाती हैं, उनकी पूरी सूची और विवरण पब्लिक प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक किया जाता है; उपभोक्ताओं को दवा खरीदने और खाने से पहले उसे जरूर देख लेना चाहिए।