हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में एक प्रवासी मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है. अंदेशा जताया जा रहा है कि व्यक्ति की मौत रैबीज संक्रमण के कारण हुई है.
मृतक की पहचान दर्शन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जम्मू के निवासी थे और यहाँ नादौन उपमंडल की भद्रोल पंचायत के भलूं गांव में मजदूरी करते थे. साथियों के मुताबिक, करीब तीन दिन पहले दर्शन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह असामान्य व्यवहार करने लगे.
हालत तेजी से खराब होने पर उन्हें पहले नादौन अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया गया, लेकिन टांडा पहुँचने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई.
टीकाकरण का कोर्स बीच में छोड़ने का शक, साथियों के घर लौटने से बढ़ी चिंता
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो महीने पहले दर्शन कुमार को एक आवारा या पागल कुत्ते ने काट लिया था. हालांकि उन्होंने शुरुआती इलाज तो शुरू करवाया था, लेकिन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी-रैबीज वैक्सीन (ARV) का पूरा कोर्स मुकम्मल नहीं किया.
अब उनकी मौत के बाद पूरे गांव में खौफ का माहौल है. ग्रामीणों के लिए एक और बड़ी चिंता की बात यह है कि मृतक के साथ काम करने वाले कुछ अन्य प्रवासी मजदूर इस घटना के बाद अपने घरों को लौट चुके हैं.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि एहतियात के तौर पर उन मजदूरों की भी पहचान कर उनकी स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए और क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं.
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, बीएमओ बोले— 'वैक्सीनेशन में बिल्कुल न बरतें लापरवाही'
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है. हालांकि विभाग ने अभी तक रैबीज से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है. खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) नादौन, डॉ.
राजेश भारद्वाज ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और मृतक के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उन्हें जरूरी चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है.
उन्होंने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति हाल के दिनों में मृतक के सीधे संपर्क में आया हो, तो वह तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में अपनी जांच करवाए. साथ ही उन्होंने सचेत किया कि किसी भी जानवर या कुत्ते के काटने पर लापरवाही बिल्कुल न बरतें और डॉक्टरों द्वारा निर्धारित वैक्सीनेशन का पूरा कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा करें.