शिमला
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) कर्मचारी संघ द्वारा घोषित राज्यव्यापी चक्का जाम को रोकने के लिए सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवा (अनुरक्षण) अधिनियम यानी एस्मा (ESMA) लागू करते हुए परिवहन कर्मचारियों की हड़ताल पर अगले छह महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव आरडी नजीम द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यटन और आगामी सेब सीजन के बीच सार्वजनिक सड़क परिवहन सेवाओं का निर्बाध संचालन यात्रियों की आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और व्यापक जनहित के लिए अत्यंत अनिवार्य है।
आवश्यक सेवाएं घोषित; चक्का जाम करने या उकसाने पर होगी सीधी गिरफ्तारी
अधिसूचना के मुताबिक, एचआरटीसी के चालक, परिचालक, तकनीकी स्टाफ और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के रख-रखाव से जुड़े अन्य सभी कर्मियों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं को 'अत्यावश्यक सेवाएं' (Essential Services) घोषित किया गया है।
नए आदेश के तहत कोई भी कर्मचारी न तो किसी हड़ताल की शुरुआत कर सकता है और न ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ऐसी किसी गतिविधि में भाग ले सकता है। एस्मा लागू होने के बाद अब पुलिस और प्रशासन को यह अधिकार मिल गया है कि वे हड़ताल पर जाने वाले या अन्य कर्मचारियों को उकसाने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकते
हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना, सेवा पुस्तिका पर प्रतिकूल प्रभाव और नौकरी से सीधे बर्खास्तगी भी शामिल है।
6 महीने तक लागू रहेगा आदेश, जनता की सुरक्षा के लिए उठाया कदम
सरकार ने साफ किया है कि यह प्रतिबंध आगामी छह महीने की अवधि के लिए या अगले आदेश तक ( जो भी पहले हो) पूरी तरह प्रभावी रहेगा। प्रशासन का मानना है कि परिवहन सेवाओं में किसी भी प्रकार के व्यवधान से जनता की सुविधा, सार्वजनिक सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है,
जो कि कानूनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि एचआरटीसी यूनियन की ओर से लंबित वित्तीय देनदारियों और अपने प्रदेशाध्यक्ष के तबादले के विरोध में 24 जून की रात 12 बजे से चक्का जाम का ऐलान किया गया था, जिसे विफल करने के लिए सरकार ने यह कानूनी सुरक्षा चक्र तैयार किया है।