पूर्व विधायक सतपाल रायजादा द्वारा भाजपा पर धर्म और आस्था के नाम पर राजनीति करने तथा गुरु रविदास कलश यात्रा और राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर सियासत तेज हो गई है। सोमवार को भाजपा प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सनातन परंपराओं और धार्मिक आस्थाओं के विरोध से जुड़ा रहा है, इसलिए उसे भाजपा पर इस प्रकार के आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सुमीत शर्मा ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण भाजपा और लाखों कारसेवकों के लंबे संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अदालतों में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, जबकि भाजपा ने मंदिर निर्माण के लिए निरंतर संघर्ष किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है और दोषियों को संरक्षण नहीं दिया जाता।
'गुरु रविदास कलश यात्रा सामाजिक समरसता का अभियान'
भाजपा प्रदेश सचिव ने कहा कि गुरु रविदास कलश यात्रा का उद्देश्य किसी प्रकार की राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान के तहत देशभर से मिट्टी एकत्र नहीं की गई, बल्कि केवल गुरु रविदास जी की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र मिट्टी को विभिन्न गुरु रविदास मंदिरों, भगवान शिव मंदिरों, महर्षि वाल्मीकि मंदिरों और अन्य देवालयों तक पहुंचाया जा रहा है।
कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
सुमीत शर्मा ने कांग्रेस पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1966 में गौहत्या के विरोध में संसद की ओर मार्च कर रहे साधु-संतों पर तत्कालीन सरकार के दौरान गोली चलवाई गई थी और पूर्व विधायक को इस ऐतिहासिक घटना पर भी अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मंदिरों की चिंता जताने वाले नेताओं को पीरनिगाह मंदिर से जुड़े मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए।
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