बिलासपुर।
हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर में सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त चल रहे पदों को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समितियों का धैर्य जवाब देने लगा है। इसी कड़ी में परनाली स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) का एक प्रतिनिधिमंडल प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक बिलासपुर से मिला और उन्हें अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और ग्रामीणों ने उपनिदेशक के समक्ष स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुख्य रूप से प्राथमिक स्तर पर JBT अध्यापकों के पद रिक्त होने के कारण बच्चों की नींव कमजोर हो रही है। लंबे समय से पद न भरे जाने के कारण बच्चों की नियमित पढ़ाई बाधित हो रही है।
SMC सदस्यों ने बताया कि सरकारी स्कूलों में अध्यापक न होने के कारण कई अभिभावक मजबूरी में अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार और विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कई ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि वे निजी स्कूलों की महंगी फीस वहन कर सकें।
शिक्षकों की कमी के कारण गरीब बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है, जिससे वे शिक्षा के समान अवसरों से वंचित हो रहे हैं।
ग्रामीणों और एसएमसी प्रतिनिधियों ने उपनिदेशक से पुरजोर आग्रह किया कि परनाली और आसपास के प्रभावित स्कूलों में जल्द से जल्द जेबीटी अध्यापकों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई, तो बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए ग्रामीण कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे।