मुख्य बाजार में निरीक्षण के दौरान मिले पैराकीट, प्राकृतिक आवास में छोड़े गए; अवैध रूप से पक्षी रखने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
बिलासपुर शहर के मुख्य बाजार में वन विभाग ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पिंजरों में कैद तीन देशी पैराकीट (तोते) को मुक्त कराया है। सदर वन परिक्षेत्र की टीम ने निरीक्षण के दौरान इन पक्षियों को कब्जे में लिया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।
वन विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई संरक्षित पक्षियों के अवैध व्यापार और कैद पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है।
निरीक्षण के दौरान पिंजरों में मिले तोते
सदर वन परिक्षेत्र की टीम मुख्य बाजार क्षेत्र में निरीक्षण कर रही थी। इसी दौरान टीम को तीन देशी पैराकीट पिंजरों में कैद मिले।
वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों पक्षियों को मुक्त कराया। पक्षियों की स्थिति की जांच करने के बाद उन्हें खुले प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि देशी तोतों और पैराकीट को पकड़ना, पिंजरे में रखना, खरीदना या बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
भारत में पाए जाने वाले देशी तोते वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनके अवैध कब्जे या व्यापार पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
विभाग के अनुसार, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम की धारा-51 के तहत दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की सजा, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
वन विभाग ने लोगों से की अपील
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी संरक्षित पक्षियों या अन्य वन्यजीवों को अवैध रूप से पकड़े जाने, बेचने या कैद रखने की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल कानून नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
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