मंडी के हुरंग गांव में ऐतिहासिक काहिका उत्सव का शुभारंभ, हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद; सुरक्षा के मद्देनजर हथियारों पर प्रतिबंध।
पधर (मंडी)।
मंडी जिले की चैहारघाटी के हुरंग गांव में बुधवार को देवताओं के आगमन के साथ ऐतिहासिक काहिका उत्सव का शुभारंभ हो गया। देवभूमि का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और पूरा गांव देव धुनों से गूंज उठा।
उत्सव में घाटी वजीर देव पशाकोट, देव पेखरू गहरी, देव दू्रण गहरी, देव त्रैलू गहरी, देव कपलधार गहरी और देव सिल्ह गहरी सहित कई देवी-देवताओं का आगमन हुआ। देव घड़ौनी नारायण गुरुवार को हुरंग गांव पहुंचेंगे।
परंपरा के अनुसार देव पशाकोट के गांव पहुंचते ही तंबाकू सेवन पर लगी धार्मिक पाबंदी समाप्त हो गई। वहीं, काहिका उत्सव की पारंपरिक रस्मों को निभाने के लिए हराबाग (जोगिंदरनगर) से नड़ वेदी पंडितों का परिवार भी हुरंग पहुंच चुका है।
बुधवार रात को मुरगण की रस्म अदा की जाएगी, जिसके बाद सभी देवी-देवताओं का छिद्रा होगा और श्रद्धालुओं के छिद्रा करवाने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
काहिका उत्सव में भाग लेने के लिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुरंग गांव पहुंच रहे हैं। आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
उपमंडलाधिकारी (नागरिक) पधर सुरजीत सिंह ठाकुर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163(2) के तहत आदेश जारी कर 24 जुलाई तक उत्सव स्थल पर किसी भी प्रकार के आग्नेयास्त्र और धारदार हथियार लेकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
प्रशासन के अनुसार हाल ही में शिमला जिले के रोहड़ू में धार्मिक आयोजन के दौरान हुई घटना को ध्यान में रखते हुए जन सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
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