धर्मशाला वन विभाग की अपील, बच्चों को अकेले न भेजें और घरों के आंगन में रखें रोशनी; वन्यजीवों के शिकार पर सजा का प्रावधान
सर्दियों में पहाड़ों पर बर्फबारी होने के साथ वन्यजीव भोजन की तलाश में निचले इलाकों का रुख करने लगते हैं। ऐसे में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
इसे देखते हुए DFO धर्मशाला अमित शर्मा ने लोगों से सतर्क रहने और तेंदुए व भालू जैसे वन्यजीवों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव दिखाई देने पर घबराने के बजाय सावधानी बरतें और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दें।
तेंदुए और भालू की गतिविधियों को लेकर सतर्क रहें लोग
DFO अमित शर्मा ने बताया कि सर्दियों के दौरान भालू भोजन की तलाश में मक्की के खेतों और फलों के बगीचों तक पहुंच सकते हैं। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है। वहीं, तेंदुए कुत्तों का शिकार करने के लिए रिहायशी क्षेत्रों के आसपास आ सकते हैं।
उन्होंने लोगों को विशेषकर सुबह और शाम के समय सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही घरों के आंगन में पर्याप्त रोशनी रखने और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान देने को कहा।
भालू प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को अकेले न भेजें
DFO ने भालू प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जंगल या ऐसे रास्तों से गुजरते समय आवाज करते हुए चलने की सलाह दी, ताकि वन्यजीवों को पहले ही इंसान की मौजूदगी का आभास हो सके। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भालुओं की आवाजाही की जानकारी हो, वहां बच्चों को अकेले न भेजें। बच्चों को किसी बड़े व्यक्ति के साथ ही भेजें और आसपास के हालात के प्रति जागरूक रहें।
वन्यजीवों के शिकार पर होगी कानूनी कार्रवाई
अमित शर्मा ने कहा कि बर्फबारी के दौरान वन्यजीवों के निचले इलाकों में आने पर कुछ लोग उनका शिकार करने का प्रयास करते हैं। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित प्रजातियों का शिकार करने पर सजा का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि कई प्रजातियां अनुसूची-1 में शामिल हैं, जिनके शिकार पर तीन साल तक की कैद का प्रावधान हो सकता है। कुछ प्रजातियां अनुसूची-2 में भी आती हैं, जिनसे जुड़े मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रहा वन विभाग
DFO ने बताया कि वन विभाग ने फील्ड कर्मचारियों को वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। शिकार या मानव-वन्यजीव संघर्ष से जुड़ी किसी भी घटना की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वन्यजीवों को परेशान न करें और उनके करीब जाने या उन्हें घेरने का प्रयास न करें। किसी भी तरह के संघर्ष या वन्यजीव की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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