ऊना।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के बहडाला गांव से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ महज एक अमरूद तोड़ने के आरोप में एक सेवानिवृत्त फौजी ने 6 साल की मासूम बच्ची को घर की सीढ़ियों की रेलिंग से रस्सी और कपड़ों की मदद से बांध दिया।
मासूम बच्ची "अंकल बचाओ, अंकल बचाओ" चिल्लाकर मदद की गुहार लगाती रही, जिसे सुनकर पास से गुजर रहे एक नेवी अफसर ने उसे इस यातना से मुक्त कराया।
जानकारी के अनुसार, रविवार को बहडाला गांव से भारतीय नौसेना (Indian Navy) में तैनात कैप्टन रोहित जसवाल गुजर रहे थे। इसी बीच उन्हें एक घर के भीतर से किसी बच्ची के बिलखने और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी।
जब वे अंदर पहुँचे तो नजारा देखकर दंग रह गए; एक नन्हीं बच्ची को बेरहमी से रेलिंग के साथ बांधा गया था। जब कैप्टन रोहित ने इस क्रूरता का कारण पूछा, तो रिटायर्ड फौजी (मकान मालिक) ने बड़ी बेशर्मी से कहा कि बच्ची ने उसके पेड़ से अमरूद तोड़े हैं।
नेवी अफसर ने तुरंत इस निंदनीय व्यवहार के लिए आरोपी को फटकारा और वीडियो बनाते हुए बच्ची को बंधन मुक्त कराया। बच्ची ने रोते हुए बताया कि उसने अमरूद नहीं तोड़े थे।
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मासूम बच्ची की चीखें सुनकर हर कोई इस रिटायर्ड फौजी की शर्मनाक हरकत की कड़े शब्दों में भर्त्सना कर रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक पूर्व सैनिक से ऐसे अमानवीय व्यवहार की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
हालांकि अभी तक पीड़ित परिवार की ओर से आधिकारिक तौर पर पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आ गया है चाइल्डलाइन की टीम ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है।
टीम बच्ची और उसके परिवार से संपर्क कर काउंसलिंग और आगामी कार्रवाई कर रही है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम भी गांव पहुँची है और आरोपी के खिलाफ कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है।
किसी भी बच्चे के साथ इस तरह का व्यवहार अपराध है। चाइल्डलाइन और पुलिस दोनों ही इस कृत्य की बारीकी से जांच कर रहे हैं। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह घटना समाज में बच्चों के प्रति घटती संवेदनशीलता का प्रमाण है। नेवी कैप्टन रोहित जसवाल की सतर्कता ने न केवल एक मासूम को यातना से बचाया, बल्कि इस शर्मनाक कृत्य को दुनिया के सामने भी उजागर किया।