झंडूता
उत्तर भारत के प्रमुख सिद्ध पीठों में शुमार बाबा बालक नाथ मंदिर, शाहतलाई में चैत्र मास के प्रसिद्ध पावन मेले का शुभारंभ कल 14 मार्च को पारंपरिक झंडा रस्म के साथ हुआ। मेले की शुरुआत उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चारण, शंख ध्वनि और कन्या पूजन के साथ हुई। यह मेला करीब एक महीने तक चलेगा।
जेठे रविवार के दिन विभिन्न राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों से लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा, बसों, निजी वाहनों और ट्रेनों से यहां पहुंच रहे हैं।
बाबा बालक नाथ का रविवार विशेष वार माना जाता है, और खासकर जेठे रविवार (चैत्र मास के प्रमुख रविवार पर) भक्तों की भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। आज रविवार को भी मंदिर परिसर में सुबह से ही भारी जनसैलाब उमड़ा रहा।
बारिश और मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। अनुमान के अनुसार, आज लगभग 25,000 से अधिक भक्तों ने बाबा के चरणों में माथा टेका, रोट (प्रसाद) चढ़ाया और मनौतियां मांगीं।
दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन भक्तों का उत्साह अडिग रहा। बारिश की बूंदों में भीगते हुए हजारों लोग बाबा के दरबार तक पहुंचे और दर्शन प्राप्त किए।
मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं, सभी बाबा बालक नाथ के बाल रूप की पूजा में लीन दिखे। मंदिर न्यास और प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं, मन्दिर 24 घंटे खुला रखा गया है,
अतिरिक्त सफाई कर्मचारी और स्वच्छता व्यवस्था, निशुल्क लंगर और प्रसाद वितरण, चिकित्सा शिविर, पुलिस बल की तैनाती की गई है। चैत्र मेला बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई की आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक है, जहां हर साल लाखों भक्त बाबा की कृपा प्राप्त करने आते हैं। मेले के दौरान स्थानीय व्यापार को भी जबरदस्त बढ़ावा मिल रहा है।
मन्दिर न्यास अधिकारी विजय ने बताया की आज लगभग 25000 श्रादालूओं ने बाबा जी के दर्शन किये। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु अनुशासित रहें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और मंदिर परिसर को स्वच्छ रखें।