धर्मशाला।
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। पिछले कुछ दिनों से समय से पहले दस्तक दे चुकी भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए यह बदलाव किसी वरदान से कम नहीं है। धौलाधार की ऊंची चोटियों पर हुई ताज़ा बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने पूरे क्षेत्र को शीत लहर की आगोश में ले लिया है।
गर्मी ने तोड़ दिए थे रिकॉर्ड
इस वर्ष मार्च के महीने में ही तापमान मई और जून जैसी तपिश का अहसास करा रहा था। सर्दियों के पूरे सीज़न में बारिश और बर्फबारी की भारी कमी दर्ज की गई थी, जिससे स्थानीय लोग और किसान बेहद चिंतित थे। गौरतलब है कि पूरे शीतकाल में केवल एक ही दिन ऐसा था जब चोटियों पर बर्फ दिखी थी, लेकिन बारिश की कमी ने सूखे जैसे हालात पैदा कर दिए थे।
चिंता के बीच सुहावना हुआ मौसम
आम जनमानस में यह डर बैठ गया था कि यदि मार्च में गर्मी का यह हाल है, तो आने वाले महीनों में जल संकट और भीषण गर्मी झेलनी पड़ेगी। हालांकि, पिछले 48 घंटों में बदले मिज़ाज ने फिज़ा बदल दी है।
कल दोपहर से धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है। आज सुबह धौलाधार पर्वत श्रृंखला की चोटियों ने सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे नज़ारा बेहद खूबसूरत हो गया है। बर्फबारी के बाद चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस बारिश और बर्फबारी से न केवल वातावरण में ठंडक लौटी है, बल्कि यह खेती और आने वाले समय में पानी के स्रोतों के लिए भी सुखद संकेत है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह खुशनुमा बना रहेगा।