सोलन I
सोलन के देउघाट क्षेत्र में एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर शहर में भारी आक्रोश है। इस शर्मनाक घटना के विरोध में आज वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर सोलन पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि मनोज रघुवंशी ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिमाचल जैसे शांत राज्य और सोलन जैसे शहर में इस तरह की हैवानियत होना बेहद निंदनीय है।
उन्होंने कहा, "देवभूमि में इस तरह की घटना शर्मनाक है। मासूम बच्ची के साथ हुए इस अपराध ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। हम मांग करते हैं कि दोषियों को कानून के तहत ऐसी कठोर सजा दी जाए जो मिसाल बने, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा दुस्साहस न कर सके।"
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण सुझाव भी रखा। मनोज रघुवंशी ने जोर देकर कहा कि सोलन और आसपास के क्षेत्रों में बाहर से आकर बसने वाले लोगों का पुलिस पंजीकरण (Registration) अनिवार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अक्सर देखा गया है कि बिना सत्यापन के रहने वाले लोग ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर गायब हो जाते हैं, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से वेरिफिकेशन बहुत जरूरी है।
वाल्मीकि समाज की मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस हर साक्ष्य को बारीकी से जुटा रही है ताकि अदालत में केस को मजबूती से पेश किया
जा सके। एएसपी ने समाज के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि बाहरी लोगों के पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के सुझावों पर गौर किया जाएगा।
देउघाट की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी गुस्सा है। वाल्मीकि समाज ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में न्याय मिलने में देरी हुई या कार्रवाई में कोई ढील बरती गई, तो वे उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।