शिमला I
हिमाचल प्रदेश में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और महिला आरक्षण बिल को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया है।
हर्षवर्धन चौहान ने उन आरोपों को पूरी तरह भ्रामक और गलत बताया जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस पार्टी नगर निगम चुनावों के लिए टिकट के चाहवानों से पांच-पांच हजार रुपये ले रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष हार के डर से आधारहीन बयानबाजी कर रहा है। चौहान ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा, "विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे जनता को गुमराह करने के लिए इस तरह के झूठे आरोप लगा रहे हैं।"
महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर भी उद्योग मंत्री ने भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस बिल के माध्यम से परिसीमन (Delimitation) का पेच फंसाकर देश को बांटने की कोशिश की है।
महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पारित हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा शासित राज्यों में विशेष सत्र बुलाकर इस पर राजनीति करना और निंदा प्रस्ताव लाना समझ से परे और गलत है। — हर्षवर्धन चौहान
हर्षवर्धन चौहान ने विश्वास जताया कि आगामी नगर निगम चुनावों में कांग्रेस पार्टी बेहद मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की जनहितैषी नीतियों के कारण जनता का भरपूर समर्थन कांग्रेस को मिल रहा है। उन्होंने भाजपा पर जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल विकास और जन कल्याण के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
उद्योग मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां और तेज होने की उम्मीद है। जहां विपक्ष भ्रष्टाचार और चंदे के नाम पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार इसे विकास बनाम आधारहीन राजनीति का रूप दे रही है।