मंडी।
सरकाघाट उपमंडल के चर्चित सिया हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इस नृशंस हत्या की भयावहता सामने आई है। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज, नेरचौक के फोरेंसिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, 19 वर्षीय छात्रा सिया की मौत का मुख्य कारण गर्दन की हड्डी का कटना और अत्यधिक रक्तस्राव (Heavy Bleeding) रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी विकास पटियाल ने सिया पर दराट (तेजधार हथियार) से बेहद घातक हमला किया था। आरोपी ने सिया की गर्दन पर एक के बाद एक 7 वार किए। वार इतने जोरदार थे कि गर्दन की हड्डी कट गई और पीड़िता को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
सिया के शरीर के कुल 11 हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। जांच के अनुसार, जब सिया ने खुद को बचाने का प्रयास किया, तो उसके बाजुओं और शरीर के अन्य अंगों पर भी गहरे जख्म आए। घटना के वक्त मौजूद एक वृद्ध महिला ने बताया कि सिया के नीचे गिर जाने के बाद भी आरोपी उस पर लगातार वार करता रहा।
पुलिस जांच में आरोपी द्वारा किसी तरह के संबंध के दावों की हवा निकल गई है। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सिया का आरोपी विकास पटियाल से कोई लेना-देना नहीं था।
सिया की छवि पूरी तरह बेदाग पाई गई है। वह केवल अपनी माता और अपनी सहेलियों (कशिश व टीना) के संपर्क में थी। आरोपी के साथ उसके किसी भी तरह के संबंध के प्रमाण नहीं मिले हैं। — पुलिस जांच रिपोर्ट
घटना की मुख्य गवाह और सिया की सहेली कशिश इस मंजर को देखकर बुरी तरह सदमे में है। शोर सुनकर जब कशिश मौके पर पहुंची, तो आरोपी वहां से फरार हो गया था। इस खौफनाक घटना के बाद से कशिश पिछले चार दिनों से कॉलेज नहीं जा पाई है।
घटना की तारीख 13 अप्रैल है। नैण गांव (घर से बस स्टॉप के बीच का रास्ता) था। विकास पटियाल (नशे का आदी), जिसने चेहरा छिपाकर सिया पर हमला किया था। पुलिस ने आरोपी को घटना के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। वह फिलहाल 20 अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर है।
डीएसपी सरकाघाट, संजीव गौतम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य इस केस को मजबूती प्रदान करेंगे। पुलिस जल्द ही अदालत में चालान पेश कर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेगी।