मंडी।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पुलिस और दमकल विभाग के जवानों ने अदम्य साहस और मानवता की मिसाल पेश की है। जोगेंद्रनगर के दुर्गम जंगलों में क्रैश लैंडिंग का शिकार हुए एक रूसी पैराग्लाइडर पायलट को जवानों ने आधी रात को 6 किलोमीटर पैदल कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुँचाया और उसकी जान बचाई।
रूसी पायलट अलेगजेंडर ने शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन दोपहर करीब 4 बजे प्रतिकूल मौसम और तेज हवाओं के कारण वह नियंत्रण खो बैठा। पायलट घटासनी के समीप चरीडुघ के घने और दुर्गम जंगलों में क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया।
घने जंगल में मोबाइल सिग्नल न होने के कारण पायलट मदद नहीं मांग सका। वह गंभीर चोटों के कारण हिलने-डुलने में असमर्थ था और घंटों दर्द से कराहता रहा। शाम करीब 7 बजे जब हादसे की सूचना प्रशासन तक पहुँची, तो दमकल चौकी प्रभारी बंशी लाल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें बिना समय गंवाए रेस्क्यू के लिए निकल पड़ीं।
जवानों के लिए यह ऑपरेशन किसी चुनौती से कम नहीं था। अंधेरा, कड़ाके की ठंड और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बीच जवानों ने स्ट्रेचर को अपने कंधों पर उठाया। करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 1 बजे पायलट को जंगल से बाहर निकाला गया। दुर्गम रास्तों पर 6 किलोमीटर का सफर तय कर पायलट को जोगेंद्रनगर अस्पताल पहुँचाया गया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद पायलट की हालत गंभीर देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज (TMC) रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण उसकी जान बच सकी है।