कुल्लू: मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर फिर बरपा प्रकृति का कहर, भूस्खलन की चपेट में आई कार; यात्री सुरक्षित

कुल्लू: मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर फिर बरपा प्रकृति का कहर, भूस्खलन की चपेट में आई कार; यात्री सुरक्षित
कुल्लू: मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर फिर बरपा प्रकृति का कहर, भूस्खलन की चपेट में आई कार; यात्री सुरक्षित

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मणिकर्ण।

कुल्लू जिले के मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर घटीगढ़ के पास शनिवार सुबह एक बार फिर भूस्खलन (Landslide) ने दहशत फैला दी। पहाड़ी से अचानक गिरे मलबे और भारी पत्थरों की चपेट में एक कार आ गई। गनीमत यह रही कि कार में सवार यात्रियों ने समय रहते खतरे को भांप लिया और वाहन से बाहर कूद गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

घटना शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आने लगीं। मार्ग से गुजर रही एक कार मलबे की सीधी चपेट में आ गई।

जैसे ही पत्थर गिरने शुरू हुए, चालक और यात्रियों ने बिना देरी किए कार को वहीं छोड़ा और बाहर निकल आए। हालांकि सभी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन मलबे के नीचे दबने से कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।

भूस्खलन के कारण सड़क पर भारी मात्रा में पत्थर और मिट्टी जमा हो गई है। इस कारण मणिकर्ण-बरशैणी मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि घटीगढ़ क्षेत्र पिछले कुछ समय से लगातार खतरनाक बना हुआ है। महज चार दिन पहले भी इसी स्थान पर भारी भूस्खलन हुआ था। पिछली बार मलबे की चपेट में एक जेसीबी मशीन आ गई थी। उस घटना के बाद मार्ग को बहाल करने में 72 घंटे का समय लगा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले भी दो छोटे वाहन यहां पत्थरों की चपेट में आ चुके हैं।

घटीगढ़ के पास पहाड़ी दरकना एक नियमित समस्या बन गई है। प्रशासन को यहाँ स्थाई समाधान ढूंढने की जरूरत है, वरना किसी दिन बड़ी जनहानि हो सकती है। — स्थानीय निवासी

सड़क बहाली के लिए विभाग को सूचित कर दिया गया है। पहाड़ी से अभी भी छोटे पत्थरों के गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे राहत कार्य में भी जोखिम बना हुआ है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे इस मार्ग पर बेहद सावधानी से चलें और पहाड़ी से पत्थर गिरने की आहट मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं।

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