सिरमौर
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के दाना घाटो वार्ड में इस बार जिला परिषद चुनाव एक दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। यहाँ की राजनीति ने पारिवारिक रिश्तों को चुनावी अखाड़े में लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ भाजपा और कांग्रेस ने रिश्ते में दादी और पोती को एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतारा है।
भाजपा ने जहाँ शिक्षित और युवा चेहरा अंकिता ठाकुर पर भरोसा जताया है, वहीं कांग्रेस ने उनकी अनुभवी दादी राधा चौहान को प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक साख
इस सियासी रण में उतरीं भाजपा प्रत्याशी अंकिता ठाकुर दिग्गज नेता दिवंगत सहिराम ठाकुर की पोती और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बलबीर ठाकुर की पुत्री हैं। बीटेक और एमबीए जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त अंकिता पहली बार चुनावी दंगल में उतरी हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी राधा चौहान अपनी गहरी सामाजिक पैठ और दशकों के अनुभव के साथ चुनावी मैदान में ताल ठोक रही हैं। दोनों ही प्रत्याशी हरिपुरधार क्षेत्र के टिकरी डसाकना गांव से ताल्लुक रखती हैं।
जनता के बीच चर्चा का विषय
दादी और पोती के इस अनोखे मुकाबले ने समूचे क्षेत्र के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। वर्तमान में चाय की दुकानों से लेकर गांव की चौपालों तक केवल यही चर्चा है कि अनुभव और युवा जोश की इस लड़ाई में जीत किसकी होगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि एक तरफ जहाँ दादी के पास वर्षों का तजुर्बा है, वहीं दूसरी तरफ पढ़ी-लिखी पोती के पास विकास की नई दृष्टि और ऊर्जा है, जिससे यहाँ कांटे की टक्कर तय मानी जा रही है।
नामांकन और प्रचार का आगाज
शुक्रवार को दोनों प्रत्याशियों ने संगड़ाह स्थित एसडीएम कार्यालय में अपना-अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के बाद अंकिता ठाकुर और राधा चौहान अपने समर्थकों के साथ जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान में जुट गई हैं।
अब क्षेत्र की जनता के सामने यह कठिन विकल्प है कि वे राधा चौहान के 'अनुभव' पर भरोसा जताते हैं या अंकिता ठाकुर के 'युवा नेतृत्व' को चुनते हैं। इसका फैसला आने वाले चुनाव परिणाम ही तय करेंगे।