शिमला:
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ नगर निगम में तैनात उपनियंत्रक (वित्त एवं लेखा) रामेश्वर शर्मा का शव शुक्रवार दोपहर मैहली स्थित उनके आवास पर फंदे से लटका मिला। 45 वर्षीय शर्मा मूल रूप से रोहड़ू के सीमा गांव के निवासी थे।
घटना का विवरण
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामेश्वर शर्मा शुक्रवार सुबह रोजाना की तरह नगर निगम दफ्तर पहुंचे थे। वहां उन्होंने कुछ सरकारी फाइलों का निपटारा किया और एक कर्मचारी को सैलरी स्लिप तैयार करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद, वह अचानक आधे दिन की छुट्टी (Half-day leave) लेकर घर चले गए।
जब उनकी पत्नी घर पहुंची, तो उन्होंने रामेश्वर शर्मा को फंदे से लटका पाया। उन्हें तुरंत आईजीएमसी (IGMC) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के समय उनका बेटा भी घर पर मौजूद नहीं था।
जांच और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
कानूनी प्रक्रिया: पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNNS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्राथमिक दृष्टि: पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा शनिवार को आने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा।
पारिवारिक स्थिति: इस दुखद खबर के बाद अस्पताल में मृतक की पत्नी की तबीयत भी बिगड़ गई, जिन्हें फिलहाल उपचार दिया जा रहा है।
निगम में शोक की लहर
रामेश्वर शर्मा को पिछले वर्ष ही नगर निगम में तैनाती मिली थी। इससे पहले वे पंचायतीराज विभाग में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। वर्तमान में उन पर पंथाघाटी, कसुम्पटी और छोटा शिमला वार्ड के नोडल अधिकारी के रूप में सफाई व्यवस्था की निगरानी का अतिरिक्त जिम्मा भी था।
जिस समय यह घटना हुई, नगर निगम आयुक्त कार्यालय में सफाई व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। बैठक के बीच में ही जब यह खबर पहुंची, तो निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और सभी तुरंत अस्पताल की ओर रवाना हुए।