शिमला:
हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में डिजिटल गेट पास प्रणाली और यूनिफाइड डिजिटल कैलेंडर एंड अपॉइंटमेंट मैनेजमेंट सिस्टम का विधिवत शुभारंभ किया।
इस नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही अब सचिवालय में मुख्यमंत्री और अधिकारियों से मिलने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो गई है।
आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन और ओटीपी से सुरक्षा
नई प्रणाली के तहत, सचिवालय आने वाले आगंतुकों को ऑनलाइन डिजिटल गेट पास जारी किया जाएगा, जिसे वे अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर सकेंगे। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इसमें ओटीपी (OTP) आधारित सत्यापन और आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
सुरक्षा कर्मी केवल बारकोड स्कैन कर प्रवेश की पुष्टि करेंगे। जो लोग बिना पूर्व अनुमति के सचिवालय पहुँचेंगे, उन्हें स्वागत कक्ष से ही तत्काल डिजिटल पास जारी करने की सुविधा दी गई है।
बैठकों का प्रबंधन होगा आसान
मुख्यमंत्री ने बताया कि यूनिफाइड डिजिटल कैलेंडर के माध्यम से अब बैठकों का समन्वय अधिक प्रभावी होगा। इसके मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
विभिन्न विभाग अब एक ही केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर बैठक के लिए आग्रह भेज सकेंगे।
बैठक स्वीकृत होते ही संबंधित अधिकारियों के डिजिटल कैलेंडर स्वत: अपडेट हो जाएंगे।
इससे कार्यक्रमों के टकराव की समस्या खत्म होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।
हिमाचल भवन और हिमाचल निकेतन पर भी फोकस
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली और चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन व सदनों में सुविधाओं और स्वच्छता को सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दिल्ली में निर्माणाधीन हिमाचल निकेतन परियोजना को 15 जून तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
साथ ही, बुकिंग को सरल बनाने के लिए क्यूआर कोड आधारित भुगतान प्रणाली शुरू करने को कहा गया है, जिसे भविष्य में प्रदेश के सभी परिधि गृहों (Rest Houses) में भी लागू किया जाएगा।