नाहन।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सफेद कोट की गरिमा और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरिपुरधार में तैनात एक चिकित्सक को चिट्टे (हेरोइन) की तस्करी और सेवन के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी डॉक्टर लंबे समय से नशे का आदि बताया जा रहा है।
पुलिस थाना सदर नाहन की टीम ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत कार्रवाई करते हुए नाहन के दो स्थानीय युवकों, अभिमन्यु ठाकुर और भानु गर्ग को चिट्टे के साथ दबोचा था। जब इन युवकों से कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे डॉक्टर आदित्य शर्मा के लिए नशे की खेप लाने का काम करते थे।
जांच में सामने आया है कि डॉक्टर आदित्य शर्मा ने ही इन दोनों युवकों को अपनी स्कूटी देकर हरियाणा के नारायणगढ़ भेजा था। वहां से ये युवक 6.68 ग्राम हेरोइन लेकर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह नशा हरियाणा के "विक्की" नामक तस्कर से खरीदा गया था, जिससे अब एक बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क के तार जुड़ते नजर आ रहे हैं।
गिरफ्तार डॉक्टर की पृष्ठभूमि खंगालने पर पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं डॉक्टर वर्ष 2020 से चिट्टे के दलदल में धंसा हुआ था। वह दिन में कई बार इंजेक्शन के माध्यम से नशा करता था। आरोपी डॉक्टर पहले नाहन स्थित केंद्रीय कारागार में भी अपनी सेवाएँ दे चुका है। फिलहाल आरोपी डॉक्टर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में आदर्श केंद्रीय कारागार नाहन भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक (SP) सिरमौर, एनएस नेगी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति इस अपराध में संलिप्त पाया गया है।
आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों को SFSL (स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब) भेजा गया है। हमारा लक्ष्य इस नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचना और इसमें शामिल अन्य बड़े मगरमच्छों को सलाखों के पीछे पहुँचाना है। — एनएस नेगी, SP सिरमौर
हरिपुरधार जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात डॉक्टर का नशे में संलिप्त होना यह दर्शाता है कि चिट्टे का जहर अब हिमाचल के गांव-गांव तक फैल चुका है। स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद भारी रोष है और उन्होंने विभाग से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।