पांवटा साहिब और धौलाकुआं खरीद केंद्रों पर किसानों की अदायगी लंबित, 48 से 72 घंटे में भुगतान का आश्वासन पूरा न होने पर विभाग के खिलाफ आक्रोश
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में धान बेचने के आठ दिन बाद भी किसानों को फसल का भुगतान नहीं हो पाया है। पांवटा साहिब और धौलाकुआं स्थित धान खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेचने पहुंच रहे किसानों को समय पर अदायगी न होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि सरकार और खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से 48 से 72 घंटे के भीतर भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय में राशि नहीं मिलने से उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं।
350 से अधिक किसानों ने बेचा धान, करीब 300 की पेमेंट लंबित
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष जसविंद्र सिंह और किसान महिमा सिंह ने बताया कि अब तक धौलाकुआं और पांवटा साहिब के धान खरीद केंद्रों पर 350 से अधिक किसान अपनी फसल बेच चुके हैं। उनके अनुसार, इनमें से केवल 47 किसानों को ही भुगतान हुआ है, जबकि करीब 300 किसानों की अदायगी अब तक लंबित है।
किसानों का कहना है कि धान बेचने के आठ दिन बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
48 से 72 घंटे में भुगतान का आश्वासन नहीं हुआ पूरा
किसानों ने बताया कि विभाग की ओर से पहले 48 घंटे और बाद में 72 घंटे के भीतर धान खरीद की राशि खातों में डालने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। किसानों के अनुसार, फसल बेचने के बाद समय पर पैसा नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
गेहूं के भुगतान का मामला भी लंबित
किसानों ने धान की अदायगी में देरी के साथ गेहूं के भुगतान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले विभाग को गेहूं बेचने वाले सैकड़ों किसानों की राशि भी अब तक लंबित है। किसानों के अनुसार, गेहूं की फसल के लाखों रुपये का भुगतान अटका हुआ है और अब धान की अदायगी में भी देरी हो रही है।
भुगतान में देरी से किसानों में आक्रोश
पांवटा साहिब और धौलाकुआं में लगातार किसान धान बेचने पहुंच रहे हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनकी चिंता बढ़ रही है। किसानों ने विभाग से लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि फसल बेचने के बाद तय समय पर राशि मिलना जरूरी है, ताकि वे अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर सकें।
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