बिलासपुर I
जिला बिलासपुर के विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी में रविवार सुबह मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया। क्षेत्र में आए भीषण तूफान और झमाझम बारिश से जहाँ जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया, वहीं मंदिर परिसर सहित शहर के दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
हालांकि, मौसम की इस बेरुखी के बावजूद रविवार की छुट्टी के चलते श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और वे भारी संख्या में माता के दर्शनों के लिए पहुँच रहे हैं।
दुकानदारों का सामान उड़ा, मंदिर की टीन की छत क्षतिग्रस्त
रविवार सुबह अचानक शुरू हुए तेज अंधड़ ने पूरे शहर में तबाही मचाई। तूफान इतना जबरदस्त था कि बाजारों में दुकानदारों का सामान हवा में उड़ने लगा, जिसके चलते व्यापारियों को आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं।
सबसे अधिक नुकसान मंदिर परिसर के पास हुआ, जहाँ प्रसाद वितरण क्षेत्र की टीन की छत तूफान के कारण उखड़ गई। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, इस अचानक आई आफत से उनका काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।
सड़कों पर गिरे पेड़, प्रशासन ने शुरू किया राहत कार्य
तेज तूफान के कारण नैना देवी को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर कई स्थानों पर पेड़ धराशायी हो गए, जिससे यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है और विभाग के कर्मचारी सड़कों से पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुट गए हैं।
बारिश के चलते तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
कठिन परिस्थितियों के बीच श्रद्धालुओं का सैलाब
तेज आंधी और बारिश के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन माता के जयकारों के बीच उनकी आस्था भारी पड़ती दिखाई दी। श्रद्धालुओं का कहना है कि रास्ते में आई रुकावटों और खराब मौसम के बावजूद वे माता का आशीर्वाद लेने आए हैं।
पुलिस और मंदिर न्यास के कर्मचारी श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात हैं।