शिमला I
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में पारा चढ़ने के साथ ही हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल पर्यटकों से गुलजार हो उठे हैं। भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानी शिमला, मनाली और डलहौजी का रुख कर रहे हैं।
इस वीकेंड पर पर्यटकों की आमद बढ़ने से प्रदेश के होटल कारोबार में 10 से 15 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है।
होटल कारोबार में उछाल, होम स्टे पहली पसंद
पर्यटन विभाग और होटल संचालकों के अनुसार, शिमला, मनाली, कसौली और रोहतांग जैसे प्रमुख स्थलों पर होटलों की आक्यूपेंसी 55 से 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि भीड़भाड़ वाले शहरों के बजाय पर्यटक अब ग्रामीण क्षेत्रों के 'होम स्टे' और 'बीएंडबी' (B&B) में ठहरना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
पर्यटकों की इस आमद से न केवल होटल संचालकों बल्कि ढाबा मालिकों और स्थानीय कपड़ा व्यापारियों के कारोबार में भी भारी वृद्धि देखी जा रही है।
कोकसर में वाहनों की कतार, 4 किलोमीटर लंबा जाम
पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। वीकेंड के चलते पर्यटन स्थल कोकसर में 2,000 से अधिक पर्यटक वाहन एक साथ पहुंच गए, जिसके कारण सड़क पर 3 से 4 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया।
सैलानियों को घंटों तक जाम में मशक्कत करनी पड़ी। इसी तरह की स्थिति शिमला और परवाणू के पास भी देखने को मिली, जहां वाहनों की लंबी कतारों ने प्रशासन की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग ने प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। कुल्लू, मनाली और शिमला के एंट्री पॉइंट्स पर विशेष नजर रखी जा रही है।
हालांकि, भारी संख्या में वाहनों के आने से संकरी पहाड़ी सड़कों पर जाम की स्थिति बार-बार बन रही है। पुलिस प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि सुहावने सफर में कोई बाधा न आए।