डीजीपी अशोक तिवारी ने गठित की तीन सदस्यीय समिति, एक सप्ताह में मांगी रिपोर्ट; गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों-कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई।
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने शिमला के एसपी आवास (साउथवुड) में वर्ष 2022 से 2025 के बीच हुए मरम्मत और रखरखाव कार्यों में खर्च की गई राशि की विशेष ऑडिट जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है।
डीजीपी कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, करीब 14,07,392 रुपये के कथित अनधिकृत उपयोग और फंड डायवर्जन के आरोपों की जांच की जाएगी। यह कार्रवाई एसपी शिमला की ओर से 30 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र के आधार पर शुरू की गई है।
11.57 लाख आवासीय मद और 2.50 लाख शोघी चौकी के कार्यों की जांच
जांच के दायरे में जिला पुलिस शिमला के आवासीय मद से खर्च किए गए 11,57,392 रुपये और पुलिस चौकी शोघी के मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृत 2.50 लाख रुपये शामिल हैं।
आरोप है कि इन धनराशियों का उपयोग निर्धारित कार्यों के बजाय अन्य मदों में किया गया। विशेष ऑडिट समिति खर्च से जुड़े दस्तावेजों, स्वीकृतियों और कार्यों की वास्तविक स्थिति की जांच करेगी।
तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच
डीजीपी अशोक तिवारी द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय के उप नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) करेंगे। समिति में दक्षिणी रेंज शिमला के अनुभाग अधिकारी (एफएंडए) ललित शर्मा और पुलिस मुख्यालय की एस्टेट शाखा के कांस्टेबल विनय सदस्य के रूप में शामिल हैं।
समिति को पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट डीजीपी को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि यदि जांच के दौरान वित्तीय अनियमितता, फर्जी अभिलेख या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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