वर्ष 2022-2025 के दौरान हुए कार्यों के खर्च, स्वीकृति और वित्तीय नियमों के पालन की होगी जांच
हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिस अधीक्षक, शिमला (साउथवुड) के सरकारी आवास पर वर्ष 2022 से 2025 के बीच करवाए गए मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों पर हुए खर्च की विशेष ऑडिट जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधीक्षक, शिमला की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय ऑडिट समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता पुलिस मुख्यालय के उप नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) करेंगे।
खर्च और वित्तीय प्रक्रिया की होगी जांच
गठित समिति को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। समिति यह जांच करेगी कि मरम्मत कार्यों में खर्च की गई राशि का स्रोत क्या था, इसकी स्वीकृति कैसे मिली, बजट का आवंटन किस प्रकार हुआ और वास्तविक रूप से धनराशि का उपयोग कहां किया गया।
इसके अलावा समिति सभी संबंधित वित्तीय दस्तावेजों और निर्माण अभिलेखों की जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि निर्धारित वित्तीय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं।
अनियमितता मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी
ऑडिट समिति को निर्देश दिए गए हैं कि यदि जांच के दौरान किसी तरह की वित्तीय अनियमितता, धनराशि का गलत उपयोग, प्रक्रियागत उल्लंघन या किसी अधिकारी-कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारी तय की जाए।
समिति जांच पूरी करने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए अपनी अनुशंसाएं पुलिस मुख्यालय को सौंपेगी।
एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित कार्यालयों और शाखाओं को निर्देश दिए हैं कि वे समिति के समक्ष सभी मूल अभिलेख उपलब्ध करवाएं और जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करें।
समिति को एक सप्ताह के भीतर साक्ष्य आधारित और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस विशेष ऑडिट समिति का गठन हिमाचल प्रदेश पुलिस की पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और नियमों के अनुसार समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित कार्रवाई की जा सके।
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