शिमला I
जिला शिमला पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशील और सतर्क कार्यप्रणाली का परिचय देते हुए एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को उसके परिवार से मिलाकर मिसाल पेश की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मानवीय दृष्टिकोण की स्थानीय जनता और परिजनों द्वारा खूब सराहना की जा रही है।
घटना 29 अप्रैल 2026 की शाम की है। संजौली रूट पर चलने वाली एक बस के परिचालक को बस में एक 10 वर्षीय बालिका अकेले बैठी मिली। बालिका डरी हुई थी और कुछ भी स्पष्ट रूप से बताने में असमर्थ थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिचालक तुरंत बच्ची को सुरक्षित पुलिस थाना पूर्व (East Station) लेकर पहुंचे।
थाना पहुंचने पर पुलिस टीम ने बच्ची के साथ अत्यंत प्यार और संवेदनशीलता से बातचीत की। पुलिस कर्मियों के स्नेहपूर्ण व्यवहार के बाद बच्ची ने धीरे-धीरे अपना नाम और घर का पता बताया। बच्ची ने पुलिस को विश्वास दिलाया कि वह अपने घर का रास्ता पहचानती है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बच्ची को सुरक्षा घेरे में लिया और उसे संजौली स्थित उसके घर ले गई। घर पहुंचते ही जब बच्ची को उसके पिता के सुपुर्द किया गया, तो पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पिता ने अपनी बेटी को सकुशल पाकर शिमला पुलिस का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।
जिला शिमला पुलिस आमजन, विशेषकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। शिमला पुलिस ने इस सफल अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया है कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील हृदय भी है जो नागरिकों की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहता है।