नूरपुर I
उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत हार क्षेत्र में स्थित श्रीमणिमहेश सेवादल गौशाला में वीरवार सुबह आग का तांडव देखने को मिला। गौशाला के तूड़ी (भूसा) शेड में अचानक लगी भीषण आग के कारण मवेशियों के चारे का विशाल भंडार जलकर राख हो गया, जिससे गौशाला प्रबंधन को लाखों रुपये की क्षति हुई है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह गौशाला में तैनात कर्मचारियों ने अचानक तूड़ी वाले शेड से धुएं का गुबार उठते देखा। जब तक कर्मचारी कुछ समझ पाते, सूखी तूड़ी होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे शेड को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अग्निशमन विभाग ज्वाली को सूचित किया गया। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दबी हुई आग को बुझाने के लिए जेसीबी (JCB) मशीन बुलानी पड़ी। जेसीबी की मदद से तूड़ी को शेड से बाहर निकाला गया ताकि आग को पूरी तरह शांत किया जा सके, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।
गौशाला के संचालक मंजीत कौंडल ने बताया कि शेड में करीब 850 क्विंटल भूसा (तूड़ी) संग्रहित किया गया था। इस अग्निकांड में लगभग 6.50 लाख रुपये मूल्य की तूड़ी जलकर खाक हो गई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि गर्मी या अन्य किसी तकनीकी कारण से यह हादसा हुआ होगा।
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीएम (SDM) ज्वाली नरेंद्र जरियाल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने जलते हुए शेड का निरीक्षण किया और गौशाला प्रबंधन से नुकसान की विस्तृत जानकारी ली।
एसडीएम ने प्रभावित पक्ष को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन द्वारा नियमों के तहत हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। भूसा जल जाने के कारण अब गौशाला में पल रहे बेसहारा मवेशियों के चारे का संकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन ने सरकार और दानी सज्जनों से मदद की गुहार लगाई है।