शिमला
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली स्थित एक परीक्षा केंद्र में फर्जीवाड़ा कर परीक्षा देने का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहाँ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) की परीक्षा में एक युवती अपने भाई की जगह बैठकर पर्चा लिखते हुए रंगे हाथों पकड़ी गई।
केंद्र अधीक्षक की शिकायत के बाद शिमला पुलिस ने युवती के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निरीक्षक की चेकिंग में खुली पोल
यह घटना राजकीय महाविद्यालय संजौली स्थित इग्नू अध्ययन केंद्र-1101 की है। शनिवार को यहाँ बीएजी (BAG) कार्यक्रम की परीक्षा चल रही थी। परीक्षा शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद परीक्षा कक्ष संख्या-नौ में तैनात निरीक्षक शैलेंद्र कुमार जब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और एडमिट कार्ड की जांच कर रहे थे,
तो उन्हें एक छात्रा पर शक हुआ। जब रिकॉर्ड और आईडी का मिलान किया गया तो पता चला कि वह युवती अपने भाई के स्थान पर फर्जी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा दे रही थी।
सिरमौर की रहने वाली है युवती
पकड़ी गई युवती की पहचान अंबिका के रूप में हुई है, जो जिला सिरमौर के रोहनात की रहने वाली है। वह अपने भाई रंजीत के रोल नंबर पर परीक्षा देने परीक्षा केंद्र पहुंची थी। केंद्र पर फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के तुरंत बाद इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए इग्नू परीक्षा केंद्र के अधीक्षक डॉ. मदन शांडिल ने पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर पुलिस थाना सदर शिमला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी/Cheating by Personation) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े की योजना कैसे बनाई गई थी, और क्या इस साजिश में भाई-बहन के अलावा कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी शामिल है।