शिमला, 6 जून। संजौली थाना क्षेत्र में दर्ज एक पॉक्सो मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आरोपी से संबंधित दुकान में कथित तोड़फोड़, मारपीट और कानून-व्यवस्था भंग करने के मामले में भी अलग से एफआईआर दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 को थाना संजौली में प्राप्त एक लिखित शिकायत के आधार पर अभियोग संख्या 13/26 दर्ज किया गया। प्रारंभिक शिकायत के आधार पर मामला पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 के तहत पंजीकृत कर जांच शुरू की गई। इसके बाद पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराया गया।
जांच के दौरान पीड़िता द्वारा दिए गए अतिरिक्त बयान के आधार पर मामले में पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 तथा बीएनएस की धारा 64 भी जोड़ी गई। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी उबैद पुत्र मोहम्मद शहजाद, निवासी कृष्णा नगर (स्थायी निवासी वीपीओ भनेरा, तहसील नजीबाबाद, जिला बिजनौर,
उत्तर प्रदेश) की पहचान कर उसे 6 जून को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की उम्र 22 वर्ष बताई गई है। मामले की जांच अभी जारी है।
इसी बीच 6 जून को आरोपी से संबंधित एक दुकान में कुछ लोगों द्वारा जबरन प्रवेश कर तोड़फोड़ किए जाने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना भी सामने आई। पुलिस के अनुसार इस दौरान आरोपी के परिजनों के साथ मारपीट की गई तथा उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के साथ यह घटना हुई, उनका नाम न तो मूल शिकायत में था और न ही पीड़िता के बयानों में उनका कोई उल्लेख किया गया था।
पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए कानून को अपने हाथ में लेने, हिंसा, तोड़फोड़ और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में अलग मामला दर्ज किया है। अभियोग संख्या 39/26 दिनांक 6 जून 2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया।
इस मामले में मदन ठाकुर, विजय शर्मा, श्वेता चौहान और कल्पना शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि न्यायालय से मदन ठाकुर और विजय शर्मा का दो दिन का पुलिस एवं न्यायिक रिमांड प्राप्त हुआ है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार व्यक्तियों में से विजय शर्मा के खिलाफ पूर्व में सात तथा मदन ठाकुर के खिलाफ दस आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। इनमें दंगा, शांति भंग करने तथा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने और धार्मिक सौहार्द प्रभावित करने से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं।
जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपराधिक घटना या आरोप के मामले में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने कहा है कि किसी भी शिकायत या सूचना को विधिक प्रक्रिया के तहत पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। कानून का उल्लंघन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध उसकी पहचान या संबद्धता से परे निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।