शिमला
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर रविवार को विकासनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित “विद्या भारती मेधावी छात्र सम्मान वर्ग” कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
छात्रों को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सफलता केवल परीक्षा के अंकों से तय नहीं होती, बल्कि जीवन में संस्कार, अनुशासन और निरंतर कड़े परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत है विद्या भारती की शिक्षा
जयराम ठाकुर ने शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल किताबी ज्ञान देने का कार्य नहीं कर रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति, अध्यात्म, सनातन मूल्यों और नैतिक शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत शिक्षा के माध्यम से विद्या भारती देशभर में राष्ट्रभक्ति की अलख जगा रही है, जो आज के समय में बेहद जरूरी है।
राष्ट्र और समाज निर्माण में अहम योगदान देंगी युवा प्रतिभाएं
नेता प्रतिपक्ष ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि सरस्वती विद्या मंदिरों में पढ़ रही ये होनहार प्रतिभाएं भविष्य में अपने ज्ञान, उच्च संस्कारों और अथक परिश्रम के बल पर समाज और राष्ट्र के नव-निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देंगी।
उन्होंने कहा कि इन मेधावी बच्चों की प्रतिभा और उपलब्धियां विद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं के लिए भी आगे बढ़ने और कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरणा का मुख्य स्रोत बनेंगी। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और बच्चों के अभिभावक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।