धर्मपुर
मंडी जिले के धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की धर्मपुर लोकल कमेटी ने स्थानीय कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर पर तीखा हमला बोला है।
माकपा के जिला सचिव और वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि विधायक चंद्रशेखर अपनी साढ़े तीन साल की नाकामियों को छुपाने के लिए दिवंगत प्रभास राणा की शहादत का राजनीतिकरण कर रहे हैं और जिला परिषद चुनावों में मिली जीत का झूठा श्रेय ले रहे हैं।
टिहरा की जीत कांग्रेस की नहीं, प्रभास राणा की श्रद्धांजलि है
भूपेंद्र सिंह ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि टिहरा जिला परिषद वार्ड से जीत हासिल करने वाली अनिता कुमारी को जनता ने कांग्रेस पार्टी या विधायक के चेहरे पर वोट नहीं दिया है।
यह मतदान जनता द्वारा उनके दिवंगत पति प्रभास राणा को दी गई एक भावुक श्रद्धांजलि है। उन्होंने दावा किया कि अनिता कुमारी को उन क्षेत्रों (जैसे मनयोह-लाम्बरी, हियूंण-नलयाना, गद्दीदार, भदेहड़, डरवाड़-घरवासड़ा और सज्याओ) से भी भारी बढ़त मिली है, जहां दूसरी राजनीतिक पार्टियों की पकड़ मजबूत है और जो लोग कांग्रेस पार्टी से कोसों दूर रहते हैं।
चुनाव प्रचार से दूर रखे गए थे विधायक: माकपा
भूपेंद्र सिंह ने बड़ा दावा करते हुए कहा, "अनिता कुमारी के पूरे चुनाव अभियान में कहीं भी कांग्रेस पार्टी या विधायक चंद्रशेखर के नाम का इस्तेमाल नहीं किया गया। चर्चा तो यह भी है कि विधायक को जानबूझकर चुनाव प्रचार से दूर रखा गया था ताकि उनके आने से जनता की नाराजगी के कारण वोट कम न हो जाएं।"
"टिहरा के अलावा सभी जगह हारे विधायक समर्थक"
माकपा नेता ने विधायक को घेरते हुए कई सवाल दागे और कहा कि चंद्रशेखर को सोहर और नबाही वार्डों में उम्मीदवार तक नहीं मिले, जबकि सरी वार्ड में उनकी समर्थित उम्मीदवार को तीन हजार से अधिक मतों से करारी हार का सामना करना पड़ा।
भूपेंद्र सिंह ने अनिता कुमारी की जीत के पीछे त्रिकोणीय राजनीतिक समीकरणों का हवाला दिया भाजपा में आंतरिक कलह के कारण आधिकारिक उम्मीदवार को साढ़े तीन हजार से ज्यादा वोटों का नुकसान हुआ।
माकपा ने भाजपा की बागी निर्दलीय उम्मीदवार रजिता कुमारी का परोक्ष रूप से समर्थन किया, जिन्होंने भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाई और अनिता कुमारी की जीत का रास्ता साफ किया।
आगामी विधानसभा चुनाव में सूपड़ा साफ होने का दावा; आंदोलन की चेतावनी
माकपा ने आरोप लगाया कि विधायक की टीम के दो दर्जन बड़े नेताओं (जिनमें अधिकांश ठेकेदार शामिल हैं) को जनता ने इस चुनाव में कड़ा सबक सिखाया है। टिहरा में अपने संबोधन के दौरान विधायक की बौखलाहट साफ नजर आ रही थी।
भूपेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि माकपा आने वाले दिनों में सुक्खू सरकार और स्थानीय विधायक की साढ़े तीन साल की नाकामियों और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज करेगी।
पार्टी मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर सरकार को घेरेगी वनों से अवैध लकड़ी का कटान और बड़े पैमाने पर अवैध खनन। नेशनल हाईवे (NH) निर्माण कार्यों में चहेतों और अपनों को वीआईपी ठेके दिलवाना।
क्षेत्र में सरकारी बसों की भारी कमी। शिक्षण संस्थानों (स्कूलों, कॉलेजों) को बंद करना। स्याठी और हियूंण-बॉल्ह बस्तियों के आपदा प्रभावित बेघर परिवारों को अब तक भूमि और पुनर्वास सहायता न मिलना। माकपा नेता ने दावा किया कि इन जनविरोधी नीतियों के कारण अगले साल होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में धर्मपुर से कांग्रेस का सूपड़ा साफ होना तय है।