2021 से हिमाचल में देखभाल एवं संरक्षण में रह रही थीं सायरा बानो, तमिलनाडु की संस्था ‘The Banyan’ और IndiaCares के सहयोग से भतीजे से हुआ संपर्क
ममता को उसके परिवार से मिलवाने के सफल प्रयास के बाद एसडीएम बल्ह के निरंतर प्रयासों से वर्ष 2021 से हिमाचल प्रदेश में देखभाल एवं संरक्षण में रह रही करीब 50 वर्षीय सायरा बानो के परिजनों का भी पता लगाने में सफलता मिली है। अब सायरा बानो को उनके गृह राज्य तमिलनाडु में परिवार और परिचित सामाजिक परिवेश से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
सायरा बानो को 11 अगस्त 2021 को मंडी बस स्टैंड से रेस्क्यू किया गया था। उनके द्वारा उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुसार वह मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी माता का नाम के. सारी बाबिब, जबकि भाइयों के नाम यासुम करीम और मोहम्मद फारूक बताए थे। उन्होंने अपना पता पन्नियूर बस स्टैंड, तमिलनाडु बताया था।
लगातार प्रयासों से परिजनों से हुआ संपर्क
सायरा बानो के परिजनों की तलाश के लिए एसडीएम बल्ह कार्यालय की ओर से लगातार प्रयास किए गए। इस कार्य में तमिलनाडु की संस्था ‘The Banyan’ और IndiaCares की श्रीमती सबिता चंदा का विशेष सहयोग मिला।
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप सायरा बानो के भतीजे मोहम्मद अंसारी से संपर्क स्थापित हो सका। टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान उन्होंने सायरा बानो के पारिवारिक और पूर्व जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
मोहम्मद अंसारी के अनुसार सायरा बानो कई वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। वह पहले अपने माता-पिता के साथ रहती थीं और माता-पिता उनकी देखभाल करते थे। माता-पिता के निधन के बाद भी वह उनके साथ ही रहती रहीं।
बाद में परिस्थितियों और पड़ोस में उत्पन्न कुछ समस्याओं के चलते धार्मिक समुदाय के सदस्यों के सहयोग से उन्हें बेंगलुरु स्थित एक आवासीय देखभाल गृह में भर्ती करवाया गया। करीब छह वर्ष पहले मोहम्मद अंसारी को जानकारी मिली थी कि सायरा बानो उक्त आवासीय देखभाल गृह से लापता हो गई हैं। इसके बाद लंबे समय तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
परिवार से जुड़ने की इच्छा, तमिलनाडु में पुनर्वास की तैयारी
वर्तमान में मोहम्मद अंसारी ने बताया कि उनके पास सायरा बानो की देखभाल के लिए पर्याप्त पारिवारिक और सामाजिक सहयोग उपलब्ध नहीं है। वहीं, सायरा बानो की ओर से अपने घर और परिचित वातावरण में वापस जाने की इच्छा भी व्यक्त की जा रही है।
एसडीएम बल्ह की ओर से सायरा बानो की सुरक्षा, भावनात्मक कल्याण और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उनके गृह राज्य तमिलनाडु में उपयुक्त देखभाल एवं पुनर्वास सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं के साथ समन्वय किया जा रहा है।
अधिकारियों का मानना है कि परिचित भाषा, संस्कृति और सामाजिक परिवेश में रहने से सायरा बानो के पुनर्वास और समग्र कल्याण में सकारात्मक मदद मिल सकती है।
कई संस्थाओं के सहयोग से मिली सफलता
इस मानवीय प्रयास में The Banyan, श्रीमती सबिता चंदा (IndiaCares), जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा और सीडीपीओ मंडी जितेंद्र सैनी का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। विभिन्न संस्थाओं और अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से लंबे समय से परिवार से बिछड़ी सायरा बानो के परिजनों से संपर्क स्थापित हो पाया।
एसडीएम बल्ह ने इस प्रयास में सहयोग करने वाली सभी संस्थाओं और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, निरंतर प्रयास और आपसी समन्वय के माध्यम से जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को उनके परिवार और परिचित परिवेश से जोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जा सकती है।
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